नाचना/जैसलमेर: भारेवाला क्षेत्र की एम.के.एम. प्रथम नहर के टेल क्षेत्र के किसान सिंचाई के पानी के लिए तरस रहे हैं। बारी की प्रणाली (वरियता क्रम) में तीसरी वरीयता मिलने के बाद भी टेल (अंतिम छोर) के किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुँच पाया है।
पानी के अभाव में खेतों में लहलहाती फसलें सूखकर नष्ट होने की कगार पर पहुँच चुकी हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत और लागत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
किसान रामसिंह ने दी अनशन की चेतावनी
नहर के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुँचने और प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से आक्रोशित किसान रामसिंह ने अब आंदोलन का रास्ता चुनने की चेतावनी दी है। रामसिंह का कहना है कि यदि जल्द ही एम.के.एम. प्रथम नहर के टेल क्षेत्र के अंतिम छोर तक नियमानुसार सिंचाई का पानी नहीं छोड़ा गया, तो वे मजबूरन आमरण अनशन पर बैठेंगे।
किसानों की मांग
- एम.के.एम. प्रथम नहर के अंतिम छोर तक तुरंत सिंचाई का पानी पहुँचाया जाए।
- नहर के मुख्य हिस्से या ऊपरी क्षेत्रों में हो रही पानी की चोरी अथवा अवैध बंदी पर रोक लगाई जाए।
- टेल क्षेत्र के किसानों को उनके हक का पानी दिलाकर फसलों को सूखने से बचाया जाए।
क्षेत्र के किसानों ने जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जल प्रवाह सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक बर्बादी से बचाया जा सके।
