बदायूं की सियासत में बड़ा उलटफेर, पूर्व विधायक सिनोद शाक्य और कुशाग्र सागर सपा में शामिल
केसी शाक्य ने भी थामा समाजवादी पार्टी का दामन, आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जिले की राजनीति में बढ़ी हलचल
बदायूं की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दातागंज के पूर्व विधायक सिनोद कुमार शाक्य, बिसौली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर और केसी शाक्य समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। तीनों नेताओं के सपा में शामिल होने से जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस घटनाक्रम को बदायूं की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
लखनऊ में सपा में शामिल हुए नेता
सोमवार, 26 अक्टूबर को पूर्व विधायक सिनोद कुमार शाक्य और कुशाग्र सागर ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। वहीं, केसी शाक्य भी सपा में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम के बाद बदायूं जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं
सिनोद कुमार शाक्य दातागंज विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2007 और 2012 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता था। वर्ष 2021 में वह समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे, जबकि वर्ष 2022 में भाजपा के साथ चले गए। अब एक बार फिर उनकी सपा में वापसी हुई है। उनके राजनीतिक सफर में अलग-अलग दलों के साथ जुड़ाव रहा है।
कुशाग्र सागर ने भी बदला राजनीतिक रुख
बिसौली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने थे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें सपा प्रत्याशी आशुतोष मौर्य से हार का सामना करना पड़ा था। हाल ही में कुशाग्र सागर ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। अपने इस्तीफे में उन्होंने संगठन के भीतर सम्मान और उपेक्षा से जुड़ी नाराजगी जाहिर की थी। अब उनके सपा में शामिल होने से बिसौली की राजनीति में भी नए समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
केसी शाक्य के सपा में आने से भी बढ़ी चर्चा
केसी शाक्य का नाम भी बदायूं की स्थानीय राजनीति में चर्चा में रहा है। वह म्याऊं ब्लॉक प्रमुख से पारिवारिक संबंधों के चलते क्षेत्रीय राजनीति में पहचाने जाते हैं। उनके सपा में शामिल होने से जिले में पार्टी के साथ जुड़ने वाले नेताओं की चर्चा और तेज हो गई है।
तीनों नेताओं के सपा में शामिल होने के बाद अब दातागंज और बिसौली समेत जिले की अन्य विधानसभा सीटों पर संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि, इन नेताओं को आगामी विधानसभा चुनाव में किस सीट से प्रत्याशी बनाया जाएगा या पार्टी में क्या जिम्मेदारी दी जाएगी, इस संबंध में अभी किसी अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।
बदायूं में लगातार बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अब सभी की निगाहें समाजवादी पार्टी के अगले कदम और आगामी चुनाव की तैयारियों पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में पार्टी की रणनीति और नेताओं की भूमिका को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
