बारीपदा, 26 अक्टूबर: भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन की स्थापना, सरकारी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा आम जनता को ईमानदार और जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मयूरभंज जिले में सोमवार से सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 की शुरुआत हुई। इस अवसर पर जिले के विभिन्न स्थानों पर सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई गई। जिला कलेक्टर हेमकांत साय सहित वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूक रहने तथा अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प लिया।इसी क्रम में उदला के उपजिलाधिकारी कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर श्री साय की उपस्थिति में सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई गई। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक वरुण गुंटुपल्ली, जिला परिषद के मुख्य विकास अधिकारी सह कार्यकारी अधिकारी धर्मानंद बेहरा, उदला के उपजिलाधिकारी प्रणय रंजन बेहरा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान आम जनता की शिकायतों को सुनने के साथ उन्हें पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।वहीं, पूर्वाह्न 11 बजे बारीपदा स्थित जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने भी सत्यनिष्ठा शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ईश्वर चंद्र नायक के नेतृत्व में जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने शपथ ली।इस दौरान सभी ने सरकारी कार्यों में ईमानदारी बनाए रखने, न तो रिश्वत लेने और न ही रिश्वत देने, अपने कर्तव्यों का पारदर्शिता के साथ निर्वहन करने तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया।इस कार्यक्रम में जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी शिशिर कुमार मुंडुइया के नेतृत्व में विभाग के सभी कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक “Vigilance: Probity for Prosperity” अर्थात “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” विषयवस्तु के साथ सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाने के साथ भ्रष्टाचार के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार के खिलाफ सामूहिक जागरूकता पैदा करना तथा आम जनता की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से एक पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था का निर्माण करना है।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।
