आंचलिक नाट्य महोत्सव के दूसरे दिन आदिवासी संस्कृति और महादेव की भक्ति से सराबोर रहा मंच
सतना रामदत्त दाहिया
सतना। आंचलिक नाट्य महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
कार्यक्रम के *पूर्व रंग* के रूप में आदिरंग समूह, शहडोल द्वारा *करमा नृत्य* की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। मादल की थाप पर थिरकते कलाकारों ने दर्शकों को आदिवासी संस्कृति का रसास्वादन कराया। लोक नर्तकियों में एकता उपाध्याय, पिंकी कछवाहा, आरती बैगा, जान्हवी पनिका, आरती कुशवाहा, शिवानी दाहिया और अनुष्का दाहिया ने शानदार प्रदर्शन किया।
पूर्व रंग के बाद *रंग प्रवर्तन सांस्कृतिक समिति, रुंगवा* द्वारा नाटक *”महादेव”* का मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन *हर्षवर्धन सिंह परिहार* ने किया। नाटक में भगवान शिव के जीवन दर्शन और भक्ति भाव को प्रभावी ढंग से मंच पर उतारा गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
नाटक के मुख्य कलाकारों में अमितेश सेन, शिवम चौधरी, प्रेम वर्मा, प्राची रैकवार, सत्यम चौधरी, समीक्षा शुक्ला, अभिषेक चौधरी, कल्पना कुशवाहा, रितेश नामदेव, मानसी वर्मा, राम जैसवाल, अमर विश्वकर्मा, अजय द्विवेदी, भूमिका निगम, पंकज पटेल और युवराज सेन शामिल रहे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में *प्रतिमा शर्मा* तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में *अशोक शर्मा* और *दीपक दाहिया* मौजूद रहे।
