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धनरूप प्रोडक्शन की फ़िल्म ‘भैरव का भरम’ का ट्रेलर शुक्रवार को रिलीज किया गया और 30 अक्टूबर 2026 को यह फ़िल्म धनरूप प्रोडक्शन के यूट्यूब चैनल @DhanRoopProduction पर रिलीज होने जा रही है।
विज्ञान और अंधविश्वास के बीच संघर्ष पर आधारित इस फ़िल्म का लेखन एवं निर्देशन वीरेन्द्र रावणा ने किया है जो मूलतः शाहपुरा भीलवाड़ा के निवासी है। इस फ़िल्म के निर्माता कुशवन्त सिंह चौहान है और सह निर्माता पंकज पारीक है और सह निर्देशन रूपेंद्र चौधरी, समीर राज, सोवी राठौड़ ने किया है, फ़िल्म के डायलॉग धर्मेश कौशल ने लिखें।
लगभग 90 मिनिट की अवधि में बनी इस फ़िल्म की कहानी 21 वीं सदी के एक अति पिछड़े छोटे से गांव की है, जहाँ सेटेलाइट टावर स्थापित करने के लिए एक कम्पनी के लोग पहुँचते है और टावर लगाने के लिए निर्धारित स्थान पर एक पेड़, उस पेड़ पर स्थापित एक मूर्ति, मूर्ति पूजा के लिए लगा एक पुजारी और श्रद्धांलुओं के बीच टकराव शुरू हो जाता है। घटनाक्रम आगे बढ़ने के साथ साथ ही कहानी रहस्यमयी मोड़ लेती है जो दर्शकों में रोमांच पैदा करती है और अन्त में इन घटनाओं से जुड़े पहलुओं का खुलासा होता है।
फ़िल्म की टैगलाइन ‘ सायन्स ट्रायम्फ ओवर सुपरस्टीशन’ यानिकि अन्धविश्वास पर विज्ञान की जीत है।
फ़िल्म में मुख्य कलाकार के रूप में पंकज पारीक, प्रिया शर्मा, हितेन शर्मा, प्रिया, वीरेन्द्र रावणा, नैना शर्मा, राजीव जैन, आनंद गंगवार, पंकज कुमार, सिकंदर चौहान, अल्ताफ हुसैन, गोपाल राम, सोवी राठौड़, भरत शर्मा, पूजा मक्कड़, मुकेश जोधा, राजेश, रमेश आदि है, म्यूजिक व मिक्स मास्टरिंग कृष्ण कुंतल ने किया है, वी एफ एक्स और पोस्ट प्रोडक्शन संजीव कुंतल का है, एडिटर मुम्बई से संदीप डे है, मुख्य कैमरा मेन रियाज खान है, मेकअप आर्टिस्ट मिताली, कोमल, रजनी जांगिड़ थी।
फ़िल्म जगत के इतिहास में वर्तमान में सबसे कम बजट मात्र 10 लाख के खर्च पर इस फ़िल्म से जुड़े सभी आर्टिस्टोँ का यह सामूहिक प्रयास है जो राजस्थान में युवाओं को हिन्दी फ़िल्म के लिए प्रोत्साहित एवं प्रेरित करेगा, यह फिल्म सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास पर विज्ञान की अंततः जीत को प्रदर्शित करती है। इस फिल्म के माध्यम से ग्रामीण जीवन की संवेदनाओं और चुनौतियों को दर्शाने के साथ साथ उनके जीवन में विज्ञान के प्रवेश को भी प्रतिपादित करती है।
यह फिल्म किसी भी दृष्टि से पर्यावरण और सामाजिक आस्था के विरुद्ध नहीं है बल्कि यह फिल्म केवल अंधविश्वास के विरुद्ध है।
सादर प्रकाशनार्थ
