बारीपदा, 28 अक्टूबर: गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने तथा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में मजदूरी करने के लिए पलायन रोकने के उद्देश्य से ओडिशा सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। इसी क्रम में मयूरभंज जिले में प्रथम चरण में पांच लाभार्थियों को दुकान केबिन सौंपे गए।
बुधवार को बारीपदा स्थित सर्किट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ओडिशा सरकार के गृह एवं नगर विकास मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र ने लाभार्थियों को दुकान केबिन सौंपे। मोरड़ा, बारीपदा और बेतनटी सहित विभिन्न क्षेत्रों के लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिला है।
दरअसल, आर्थिक तंगी के कारण गरीब परिवारों के लोग आजीविका की तलाश में अपना घर-परिवार छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। इस दौरान उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है और लंबे समय तक अपने परिवार से दूर रहना पड़ता है। ऐसे में लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
दुकान केबिन हस्तांतरित करने के अवसर पर मंत्री डॉ. महापात्र ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की सहायता योजनाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। इससे अधिक संख्या में गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को लाभ मिलेगा तथा वे अपने क्षेत्र में रहकर स्वरोजगार के माध्यम से आजीविका चला सकेंगे।
इस कार्यक्रम में बारीपदा के विधायक प्रकाश सोरेन, उदला के विधायक भास्कर मढ़ेई, बांगिरिपोशी की विधायक सुश्री संजली मुर्मू, एसटी सेल के प्रदेश अध्यक्ष तथा मयूरभंज के पूर्व अध्यक्ष निहार मोदी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि गरीब परिवारों को रोजगार का साधन उपलब्ध कराना और दूसरे राज्यों में मजदूरी के लिए होने वाले पलायन को कम करना इस पहल का प्रमुख लक्ष्य है। अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह योजना कितनी प्रभावी साबित होती है। यदि योजना का विस्तार किया जाता है, तो जिले के अधिक जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल सकता है।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज, स्टेट हेड।
