सकीट (एटा)। सकीट ब्लॉक के ग्राम करमचंदपुर में गांव के प्रवेश मार्ग पर जलभराव और गंदगी के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते पर जमा गंदा पानी और कीचड़ के बीच से लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब पांच वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव का प्रवेश मार्ग कच्चा होने और जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां पानी जमा रहता है। सड़क पर कीचड़ होने से पैदल चलने वालों के साथ साइकिल और अन्य वाहनों से आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रास्ता पार करने के लिए काफी सावधानी बरतनी पड़ती है।
गांव में फैली गंदगी और लंबे समय से जमा पानी के कारण लोगों को डेंगू, मलेरिया समेत अन्य मच्छरजनित बीमारियां फैलने की आशंका सता रही है। एटा जिले में डेंगू और मलेरिया के मामलों को लेकर चिंता के बीच ग्रामीण अपने गांव की स्थिति को लेकर भी परेशान हैं।
ग्रामीण भारत सिंह, वीरेंद्र, मिथिलेश, रामफल, सलीकराम और विपिन का कहना है कि रास्ते की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान की ओर से अब तक समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के लोगों को रोजाना इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी दिक्कत होती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर समस्या की जांच कराई जाए। साथ ही, गांव में नियमित साफ-सफाई, जलनिकासी की उचित व्यवस्था और कच्चे रास्ते को दुरुस्त कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
अब ग्रामीणों को इंतजार है कि संबंधित अधिकारी उनकी समस्या पर संज्ञान लेकर कब कार्रवाई करते हैं और उन्हें जलभराव व गंदगी से राहत मिलती है।
