प्राकृतिक सौंदर्य, आकर्षक झरनों और वन्यजीवों का आनंद उठा सकेंगे पर्यटक; वाहनों और मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी
बारीपदा, 1 नवंबर: प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया है। आज से विश्वप्रसिद्ध सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान तथा टाइगर रिजर्व को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। नए पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ ही पर्यटकों को सिमिलिपाल के मनमोहक प्राकृतिक वातावरण, हरे-भरे जंगलों, आकर्षक जलप्रपातों और विभिन्न वन्यजीवों की खूबसूरती का आनंद उठाने का अवसर मिलेगा।
पर्यटकों की सुविधा के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सिमिलिपाल प्रबंधन की ओर से इस पर्यटन सीजन के लिए विशेष प्रवेश नियम जारी किए गए हैं। इन नियमों के अनुसार प्रतिदिन अधिकतम 60 चारपहिया वाहनों को ही अभयारण्य के अंदर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, केवल उन्हीं वाहनों को प्रवेश मिलेगा, जिनका ग्राउंड क्लीयरेंस 180 मिलीमीटर या उससे अधिक होगा।
प्रवेश व्यवस्था के तहत जसिपुर स्थित कालियामी गेट से 35 वाहन तथा बारीपदा की ओर से पीठाबटा (लुलुंग) चेक गेट से 25 वाहनों को प्रवेश की अनुमति मिलेगी। पीठाबटा गेट से सुबह 8 बजे से 9 बजे के बीच तथा जसिपुर गेट से सुबह 5 बजे से 9 बजे के बीच प्रवेश करना अनिवार्य होगा। वहीं, सभी पर्यटकों को शाम 6 बजे से पहले निकास द्वार पार करना होगा।
सिमिलिपाल के प्रमुख आकर्षण जोरांदा और बरेहीपानी जलप्रपात का भ्रमण करने वाले पर्यटकों को दोपहर 4 बजे तक वहां से वापस लौटना अनिवार्य होगा। इससे जंगल के अंदर आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
पर्यटकों को सिमिलिपाल के जंगलों और प्राकृतिक वातावरण का नजदीक से अनुभव कराने के लिए वन विभाग की ओर से ओपन जीप में वाइल्डलाइफ सफारी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा रात्रि विश्राम की भी व्यवस्था की गई है। कुमारी, गुड़गुड़िया, तालबंध, बरेहीपानी और जामुआणी स्थित कॉटेज में ठहरने के लिए पर्यटकों को वेबसाइट के माध्यम से अग्रिम ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी।
इस वर्ष पर्यटकों के आकर्षण को बढ़ाने के लिए प्रवेश द्वार के पास एक नया ‘सिमिलिपाल कैफे’ भी खोला गया है। यहां पर्यटक स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने के साथ-साथ अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा पर्यटकों को सिमिलिपाल के प्राकृतिक वातावरण, वन्यजीवों और जंगलों के महत्व की सही जानकारी देने के लिए नियुक्त नेचर गाइडों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
दूसरी ओर, वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगल के शांत वातावरण को बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, बफर और परिधीय क्षेत्रों में मोबाइल फोन का उपयोग किया जा सकेगा।
कोर एरिया में फोटोग्राफी के लिए केवल DSLR, ब्रिज कैमरा या मिररलेस कैमरे के इस्तेमाल की अनुमति होगी। मोबाइल कैमरे से फोटो खींचने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही प्लास्टिक कचरे और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए भी सख्त नियम लागू किए गए हैं।
इस संबंध में सिमिलिपाल दक्षिण वन्यजीव डिवीजन के उपनिदेशक सुमित कुमार कर ने कहा कि पर्यटकों की सुविधा, वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
वहीं, पर्यटन सीजन के पहले ही दिन सिमिलिपाल घूमने पहुंचे पर्यटकों में काफी उत्साह और खुशी देखने को मिली। पर्यटक सुमित पटनायक, डॉ. सोनाली मुखर्जी और दीपायन मुखर्जी सहित अन्य लोगों ने सिमिलिपाल की प्राकृतिक सुंदरता और नई पर्यटन व्यवस्थाओं को लेकर खुशी जाहिर की।
प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और वन्यजीवों के अनूठे आकर्षण से भरपूर सिमिलिपाल इस पर्यटन सीजन में एक बार फिर पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज, स्टेट हेड।
