रामगढ़ थाना क्षेत्र के खानपुर गांव निवासी 35 वर्षीय ट्रक चालक अरसद खान की गुजरात के मोरबी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। उसका शव 24 अक्टूबर को मोरबी के पास एक नाले में मिला था। परिजनों ने साथी चालक जहूर खान पर हत्या की आशंका जताते हुए रामगढ़ थाने में रिपोर्ट दी है। रविवार सुबह करीब 11 बजे मृतक का शव मोरबी से खानपुर गांव पहुंचा तो रेलवे फाटक के पास ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों का आरोप है कि अरसद की मौत सामान्य नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मृतक के भाई अलादीन पुत्र समयसिंह निवासी खानपुर ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उसका छोटा भाई अरसद खान (35) गांव के ही जहूर खान पुत्र गफूर के साथ 17 अक्टूबर को ट्रक पर हेल्पर के रूप में काम करने गुजरात गया था। जहूर खान के पास स्वयं का ट्रक है। अरसद के पास मोबाइल फोन नहीं होने के कारण परिजनों ने जहूर से कई बार उससे बात कराने के लिए कहा, लेकिन वह लगातार टालमटोल करता रहा।
रिपोर्ट के अनुसार 22 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे जहूर से फोन पर बात हुई तो उसने बताया कि अरसद गाड़ी से फरार हो गया है और उसके कपड़े ट्रक में ही रखे हुए हैं। इसके बाद परिजन उसकी तलाश में जुट गए। 24 अक्टूबर को गुजरात के मोरबी के पास एक नाले में अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना सामने आई। स्थानीय पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।
जब अरसद का कोई सुराग नहीं मिला तो परिजन 26 अक्टूबर को मोरबी थाने पहुंचे। वहां पता चला कि जहूर खान ने अरसद के नाम से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई हुई थी। पुलिस ने नाले में मिले शव की परिजनों से शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन शव की हालत खराब होने के कारण तत्काल पहचान नहीं हो सकी। अगले दिन शरीर पर मौजूद निशानों के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान की। इसके बाद मोरबी पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।
मृतक के भाई अलादीन ने जहूर खान पर हत्या की आशंका जताते हुए रामगढ़ थाने में रिपोर्ट दी है। घटना गुजरात के मोरबी क्षेत्र की होने के कारण रामगढ़ पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर संबंधित मोरबी पुलिस को भेज दी है।
पांच साल पहले भी इसी परिवार के साथ गया युवक लापता
मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। गांव की राजेंद्र कौर ने बताया कि करीब पांच साल पहले उनका बेटा राजा भी इसी परिवार के लोगों के साथ गाड़ी पर खलासी का काम करने गया था, लेकिन आज तक उसका कोई पता नहीं चला। राजेंद्र कौर के परिजन भी अरसद के परिवार के साथ थाने पहुंचे और दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
रिपोर्ट अजय भारद्वाज अलवर राजस्थान
