गोंदिया जिले के तिरोड़ा तहसील के मौजा कोयलारी से एक गंभीर मामला सामने आया है। वर्ष 2022-23 में मंजूर किए गए मातोश्री पांदण सड़क निर्माण कार्य में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
वर्क कोड 1833002097/RC/1234699490 के अंतर्गत लगभग 24 लाख 68 हजार रुपये की लागत से इस सड़क निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई थी।
इस कार्य को लेकर गांव के निवासी दुर्गेश धर्मा बंसोड़ ने जिला परिषद गोंदिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत में फर्जी मजदूरी मस्टर, निर्माण सामग्री के बिलों में अनियमितता तथा आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी प्राप्त किए बिना सड़क निर्माण कार्य किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इतना ही नहीं, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सरपंच के 85 वर्षीय सरकारी पेंशनधारक माता के नाम पर मजदूरी की राशि निकाली गई। साथ ही उपसरपंच और एक सदस्य द्वारा अपने तथा अपनी पत्नी के नाम पर निर्माण सामग्री के बिल निकाले जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
दूसरी ओर, लघु सिंचाई विभाग से आवश्यक एनओसी प्राप्त किए बिना गलत स्थान पर सड़क निर्माण कार्य दर्शाकर शासन को गुमराह किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
लेकिन इस पूरे मामले में सबसे गंभीर बात यह है कि पांदण सड़क खराब होने और बंद हो जाने के कारण किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
खेती के महत्वपूर्ण मौसम में ही रास्ता बंद हो जाने से किसानों को काफी असुविधा हो रही है। इसे लेकर ग्रामीणों में संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों और प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है
इसी को देखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष स्थल जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही सातबारा उतारे, जमीन के नक्शे, कार्य से पहले और बाद के जीपीएस फोटो, मजदूरी मस्टर, सामग्री के बिल और माप पुस्तिका की गहन जांच करने की मांग उठाई गई है।
इसके अलावा जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, किसानों के लिए पांदण सड़क का निर्माण उचित स्थान पर पूरा किया जाए और बंद पड़े रास्ते को तत्काल शुरू किया जाए, ऐसी मांग ग्रामीणों और किसानों की ओर से की जा रही है।
अब देखना यह होगा कि इस शिकायत पर जिला परिषद प्रशासन क्या रुख अपनाता है? कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कब होती है? और किसानों को उनका हक का रास्ता आखिर कब मिलता है?
इन सभी सवालों की ओर पूरे गांव की नजरें लगी हुई हैं।
वहीं, इस मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच होना और संबंधित पदाधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
गोंदिया जिला रिपोर्टर – महेंद्र कनोजे
