टूटे पुल के पास श्री जगन्नाथ चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों ने लगाया चेतावनी संकेत, संभावित दुर्घटना को रोकने की पहल
कालाहांडी। ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल कालाहांडी जिले का डोकरीचंचरा जलप्रपात इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने-फिरने और पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। लेकिन इस पर्यटन स्थल तक पहुंचने वाले रास्ते में स्थित एक जर्जर पुल पर्यटकों एवं स्थानीय ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, इस पर्यटन स्थल तक पहुंचने के लिए पोलसरा ब्लॉक के डुडुगाटेंका पंचायत होते हुए खलिगड़ गांव के रास्ते से गुजरना पड़ता है। अधिकांश सड़क पक्की है, लेकिन खलिगड़ गांव के पास स्थित ढलाई पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर ढह गया है। इसके कारण ग्रामीणों एवं पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि ग्रामीणों को पास की नहर के पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा है, जो काफी जोखिम भरा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि क्षतिग्रस्त पुल के पास किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा संकेत नहीं लगाया गया है। इसके कारण अनजान पर्यटकों के दुर्घटना का शिकार होने की आशंका बनी हुई है।
इसी बीच श्री जगन्नाथ चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारी उक्त पर्यटन स्थल का भ्रमण करने पहुंचे थे। रास्ते से अनजान होने के कारण उनकी गाड़ी जब क्षतिग्रस्त पुल के पास पहुंची, तभी चालक की नजर अचानक टूटे पुल पर पड़ी और एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने ग्रामीणों एवं वहां मौजूद पर्यटकों के सहयोग से तत्काल सुरक्षा के उपाय किए। सड़क पर पत्थर रखे गए तथा डंडों में लाल कपड़ा बांधकर लगाया गया। इसके अलावा झंडे और पेड़ों की डालियां रखकर रास्ते को अवरुद्ध किया गया, ताकि आने-जाने वाले लोगों को टूटे पुल के खतरे की जानकारी मिल सके और कोई अनहोनी न हो।
इस सराहनीय पहल में श्री जगन्नाथ चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष दमन महांति, ट्रस्ट के कटक जिला प्रतिनिधि मकर बेहरा, ज्योतिष गौरांग नायक, मनोज नायक, देवी शंकर ब्रह्मा, चित्तरंजन बसंतरा, चैतन्य नायक सहित स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।
ट्रस्ट के सदस्यों की इस पहल की सराहना की जा रही है। साथ ही स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की गई है कि क्षतिग्रस्त पुल का जल्द निर्माण कराया जाए तथा पर्यटकों एवं ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए तत्काल उचित व्यवस्था की जाए।
रिपोर्ट: हिमांशु शेखर प्रहराज
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