तकतपुर में सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने एवं आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भूमि आवंटित करने की मांग
बारीपदा, 2 नवंबर। मयूरभंज जिले के जिला मुख्यालय बारीपदा स्थित जिला कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित जनसुनवाई एवं शिकायत निवारण शिविर में बारीपदा नगरपालिका के तकतपुर क्षेत्र के निवासियों की ओर से पुनः एक महत्वपूर्ण मांगपत्र जिला कलेक्टर को सौंपा गया। मांगपत्र के माध्यम से तकतपुर स्थित उद्यान कृषि उपनिदेशक (डीडीएच) कार्यालय परिसर के पीछे की सरकारी जमीन से अवैध कब्जा पूरी तरह हटाने तथा उक्त जमीन को वार्ड संख्या 27 के रबर गाछ गली में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र के नाम आवंटित करने की मांग की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तकतपुर स्थित उद्यान कृषि उपनिदेशक कार्यालय के पीछे की सरकारी जमीन पर श्रीनिवास प्रसाद नामक एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य किया गया था। इस संबंध में गत 5 अक्टूबर को जिला कलेक्टर की जनशिकायत सुनवाई में प्रवीर कुमार साहू एवं बसंत कुमार महांती सहित स्थानीय निवासियों ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मयूरभंज जिला कलेक्टर ने शिकायत प्रकोष्ठ के ज्ञापन संख्या 3719 एवं 3740 के माध्यम से बारीपदा तहसीलदार को 7 से 15 दिनों के भीतर उक्त अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण हटाकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले अतिक्रमण हटाए जाने के बावजूद संबंधित व्यक्ति ने उसी सरकारी जमीन पर पुनः अवैध रूप से मकान निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। वहीं, इस मामले में बारीपदा तहसीलदार की कथित उदासीनता को लेकर शिकायतकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की है।
दूसरी ओर, वार्ड संख्या 27 के तकतपुर स्थित रबर गाछ गली में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र लंबे समय से अपने भवन के अभाव में किराये के मकान में अत्यंत दयनीय स्थिति में चल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, किराये के इस मकान में छोटे बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। यहां न तो शौचालय की व्यवस्था है और न ही बच्चों के खेलने के लिए पर्याप्त स्थान। यहां तक कि पंखे की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों को भीषण गर्मी एवं उमस के बीच एक संकरे बरामदे में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि उद्यान कृषि कार्यालय के पीछे स्थित अतिक्रमणमुक्त सरकारी जमीन को तत्काल आंगनबाड़ी केंद्र के नाम आवंटित किया जाए, ताकि वहां सरकार की ओर से एक स्थायी आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराया जा सके। इससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक एवं बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी और भविष्य में उक्त सरकारी जमीन पर दोबारा अतिक्रमण की आशंका भी समाप्त होगी।
सोमवार को जिला कलेक्टर को मांगपत्र सौंपने के दौरान बसंत कुमार महांती, प्रवीर कुमार साहू, सोमनाथ गिरि, गोपाल चंद्र दास, तरुण कुमार दाश, विजय प्रसाद साहा, रवीन्द्र कुमार सामल, दिलीप कुमार मिश्र, दीप्ति कुमार मिश्र, गुरुचरण सिंह, अनादि दास, मंगल हेम्ब्रम, दिलीप कुमार कर, ईश्वर चंद्र प्रधान, ब्रज किशोर दास, चित्तरंजन दाश, सुरेन्द्र कुमार जेना, अजीत कुमार मारांडी, सरोज कुमार दास एवं प्रदीप कुमार सरघरिया सहित अनेक स्थानीय निवासी उपस्थित थे।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर सरकारी जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने तथा बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्र के लिए स्थायी भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज, स्टेट हेड।
