रिपोर्ट अमर केवट/हरिद्वार।
आगामी ल्योहारी सीजन के दृष्टिगत श्यामपुर वन रेंज में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों, शिकार, वन संपदा को नुकसान पहुंचाने तथा अन्य वन अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से रेंज स्तर पर विशेष निगरानी एवं सघन गश्ती अभियान संचालित किया जा रहा है।
अभियान के तहत वन कर्मियों की विभिन्न टीमें गठित कर संवेदनशील एवं अति संवेदनशील वन क्षेत्रों में लंबी दूरी की गश्त (Long Distance Patrolling) कराई जा रही है। गश्ती दलों द्वारा वन क्षेत्र के दुर्गम एवं दूरस्थ इलाकों, वन मार्गों, नदी-नालों, वन्यजीवों के आवागमन वाले रास्तों तथा पूर्व में संवेदनशील रहे क्षेत्रों को विशेष रूप से कवर किया जा रहा है।
वन कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गश्त के दौरान वन क्षेत्र का कोई भी हिस्सा निगरानी से अछूता न रहे। प्रत्येक बीट का व्यवस्थित निरीक्षण सुनिश्चित करने के साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अवैध प्रवेश, शिकार की आशंका अथवा वन्यजीवों से संबंधित असामान्य गतिविधि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
वन क्षेत्राधिकारी श्यामपुर विवेक जोशी ने बताया कि आगामी ल्योहारी सीजन को देखते हुए वन क्षेत्र में सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। वन कर्मियों को पूरी मुस्तैदी एवं जिम्मेदारी के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि लंबी दूरी की गश्त का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वन क्षेत्र का कोई भी हिस्सा निगरानी से अछूता न रहे। वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध शिकार की रोकथाम तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के लिए सभी कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
वन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए वन अपराधों की रोकथाम के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
