अलवर (राजस्थान)।
तीन महीने के लंबे इंतजार के बाद अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां आज उनके पैतृक गांव केसरपुर पहुंचीं। जैसे ही शहीद का पार्थिव अवशेष गांव पहुंचा, पूरा गांव गमगीन हो गया। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयकारों के साथ शहीद की श्रद्धांजलि यात्रा निकाली गई। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर वीर सपूत का स्वागत किया गया।
इस दौरान हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर वीर अग्निवीर समुद्र गुर्जर को श्रद्धांजलि अर्पित की। सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई।
अंतिम विदाई का दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था। बेटे को अंतिम विदाई देते समय पिता विलख-विलख कर रो पड़े। वहीं मां रोते-रोते बेसुध हो गईं। बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के इस दर्दनाक दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
गौरतलब है कि करीब तीन महीने पहले ही अग्निवीर समुद्र गुर्जर की शादी हुई थी। उत्तराखंड की देवांग वैली में बादल फटने की घटना के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। लंबे इंतजार के बाद डीएनए जांच के माध्यम से उनकी पहचान सुनिश्चित हुई और अब उनकी अस्थियां उनके पैतृक गांव पहुंचीं।
आज पूरे गांव ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
अलवर, राजस्थान से
जिला ब्यूरो प्रमुख गोपाल शरण शर्मा की रिपोर्ट।
