शिव दीपक यादव
ITN National News
जिला संवाददाता फतेहपुर।
इसमें हुसैनगंज स्थानीय पुलिस और वन विभाग के कर्मचारी भी उनका साथ दे रहे हैं! इतना ही नहीं पुलिस विभाग अपना 40 परसेंट का हिस्सा लेकर कान में तेल डालकर बैठ जाती है, जब ग्रामीण इसकी शिकायत वन विभाग के उच्च अधिकारियों से करते हैं तो वन विभाग के कर्मचारी भी बड़ा खेल करते हैं! अपने अधिकारियों को भ्रमित कर प्रतिबंधित पेड़ न बताकर छूट की लकड़ी बताते हैं! या फिर ठेकेदार पर दबाव बनाकर उनसे जुर्माने की रकम वसूल लेते हैं लेकिन सरकारी खजाने में नहीं जमा करते जानकार सूत्र बताते हैं कि यह रकम कई दिनों तक अपनी जेब में रखे रहते हैं जब कई दिन बीत जाते हैं तो ठेकेदार से ली गई रकम से हिस्सा बाँट कर लेते हैं! क्योंकि लकड़ी ठेकेदार से जुर्माने की रकम तो ली जाती है लेकिन उन्हें रसीद नहीं दी जाती इस तरह से वन विभाग के कर्मचारी लकड़ी ठेकेदार से जुर्माने के नाम पर रकम वसूल कर योगी सरकार को चूना लगा रहे हैं! अभी 6 दिन पूर्व हुसैनगंज थाना क्षेत्र के भोलापुर मोड के समीप एक आम का पेड़ काटा गया और बीसापुर गांव के समीप एक महुआ का पेड़ काटकर वन माफिया ले गए, भोलापुर और बीसापुर में काटे गए पेड़ों पर अभी कार्रवाई हुई नहीं अब पड़री (गयासपुर) के समीप से दो शीशम के पेड़ भी काट ले गए हैं, जिन्हें फॉरेस्ट विभाग के लोग पेड़ काटने वाले ठेकेदार को गली-गली को ढूंढ रहे हैं! जब इसकी शिकायत ग्रामीणों ने वन विभाग के क्षेत्रीय वन रेंजर रूप सिंह से की तो उन्होंने जांच करा कर कार्रवाई का आश्वासन दिया! आज जब उनसे कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि वन दरोगा को भेजा गया है अभी तक मुझे कुछ बताया नहीं गया! और जो पेड़ काट कर ले गया है उस पर कार्रवाई की जाएगी!!
