एक एक बूंद पानी के लिए तरस रहा सिकरिया गांव मैं पानी के लिए मचा हाहाकार
गांव के लोग बाहर के खेतों के निजी से लाते ही पीने के लिए पानी
गांव के अधिकतर हैंडपंप महीनों से खराब पड़े हैं और जो दो 4 चलते भी हैं वह एक या दो बाल्टी ही पानी मात्र मुहैया कराते हैं
एक और केंद्र और राज्य सरकार जल ही जीवन का नारा देती है तथा घर नल योजना की बात करती है हमेशा जनप्रतिनिधियों तथा सरकारी अधिकारियों की ओर से कागजों में गांव-गांव की खुशहाली और खूब तरक्की दिखा दिखा कर खूब वाहवाही लूटी जा रही है लेकिन जमीनी सच्चाई की ओर कोई जनप्रतिनिधि और सरकारी अमले का ध्यान नहीं होता कर्वी तहसील के पहाड़ी ब्लाक के तौरा ग्राम पंचायत के सिकरिया मजरे मैं पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है आपको बता दें कि इस मजरे मैं लगभग 200 घरों की बस्ती है यहां के अधिकतर नल महीनों से बिगड़े पड़े हुए हैं और जो दो 4 चल रहे हैं वह एक या दो बाल्टी पानी मात्र देते हैं गांव के लोगों का कहना है कि यहां पानी गंदगी और गलियों की भयंकर समस्या है लेकिन यहां आज तक कोई अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गांव का हाल जानने नहीं आए लोगों ने बताया कि जनप्रतिनिधि यहां केवल चुनाव के समय दिखाई देते हैं और जीतने के बाद यहां फिर 5 वर्ष कोई नहीं आता आगे गांव वालों का कहना है कि सचिव और प्रधान को भी यहां की स्थिति के बारे में जानकारी है लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है हम लोगों को गांव के बाहर खेतों के निजी ट्यूबेल से घर के पीने के लिए पानी लाना पड़ता है हमारे गांव में महिलाएं बूढ़े बच्चे और युवा आज सभी पीने के पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं और शासन-प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा
गांव निवासी राम मनोहर जमादार का कहना है कि मेरे दरवाजे पर नल तो लगा है लेकिन वह नल दो बाल्टी पानी मात्र देता है जिससे हमारे मोहल्ले में और भी कई बिरादरी के लोग रहते हैं जिससे किसी को पानी नहीं मिल पाता है और हम लोग एक एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं साहब हम गरीबों की कोई नहीं सुनता
गांव के ही निवासी कल्लू भारत का कहना है कि हमारे गांव में पानी की भारी किल्लत है तथा गांव के अधिकतर नल बंद पड़े हैं और जो 24 चल रहे हैं वह नल एक दो बाल्टी ही मात्र पानी देते हैं इस सरकार में जनता की कोई सुनाई नहीं होती है जनता दर-दर अपने मौलिक अधिकारों के लिए भटक रही है
गांव निवासी पूर्व इंस्ट्रक्टर अवध बिहारी मिश्रा का कहना है कि हमारे यहां पानी की सबसे बड़ी किल्लत है सरकार द्वारा लगाए गए हैंड पंप 80 परसेंट खराब पड़े हैं और 20 परसेंट जो चल रहे हैं उनमें भी एक या दो ही बाल्टी पानी निकलता है इस गांव में वाटर लेवल जनवरी महीने से ही डाउन हो जाता है जैसे जनवरी से जून तक पानी की भारी तबाही रहती है मैं जिला एवं ब्लॉक के अधिकारियों से निवेदन करता हूं कि यहां के नलों में 20 20 फिट पाइप और डलवा कर सभी नालों को सही कराएं जिस से आने वाली गर्मी में गांव के लोगों को पानी की समस्या से निदान मिल सके क्योंकि गर्मी के दिनों में ट्यूबवेल बंद हो जाएंगे तो जनता एक एक बूंद पानी पीने के लिए तरस जाएगी
गांव की प्राथमिक पाठशाला की शिक्षिका साधना सिंह का कहना है कि अधिकतर लोग स्कूल के अंदर केनल में ही पानी के लिए आते हैं और पानी के लिए हम चाह कर भी मना नहीं कर पाते लेकिन हमें चिंता यह हो रही है कि अगर स्कूल का भी नल बिगड़ गया तो हमारे यहां 69 बच्चे हैं हम कहां से पानी की व्यवस्था करेंगे क्योंकि इस गांव में किसी भी विभाग की कोई सुनाई नहीं की जाती है
सचिव कमलेश सिंह ने गांव की समस्या के लिए पैसे का रोना बताया
इनका कहना है कि समस्या का हल किया जाएगा और वहां वाटर लेवल की कमी है वहां पाइप और बढ़ाने पड़ेंगे और हो सकता है की बोरिंग भी करानी पड़ सकती है इसके लिए पैसा चाहिए और अभी पैसे की समस्या है समस्या के समाधान के लिए कोई न कोई विकल्प किया जाएगा
निवर्तमान प्रधान दिनेश वर्मा ने बताया कि वहां का वाटर लेवल नीचे है और मैं समान उधार लेकर आज मंगवा लूंगा और वहां पानी की समस्या जटिल है सचिव साहब को जानकारी नहीं है लेकिन हम यहां रहते हैं तो हम जानते हैं कि वहां पानी की भारी किल्लत है और मैं मिस्त्री से बात कर दो-तीन दिन के अंदर सुधरो आने की कोशिश करूंगा और अगर समस्या हल नहीं होगी तो सुबह शाम टैंकर भेज कर लोगों को राहत देंगे
ब्यूरो रिपोर्ट संजय कुमार मिश्रा चित्रकूट
