मेड़ता उपखंड सहित आसपास के क्षेत्र मे तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद दो दिन तक छाए रहने के साथ ही गिरे ओंस का असर जीरें की अगेती फसलों मे देखने को मिल रहा है।अगेती जीरे की फसल पर खतरा मंडराने लग गया है जिसके चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीर दिखाई दे रही हैं।बारिश के बाद लगातार दिन तक फसलों पर अत्यधिक ओंस जमने से अगेती जीरें की फसल खराब होने लगी है।जमीन मे अत्यधिक नमी के कारण जीरे की फसल मे झुलसा रोग होने के कारण पौधे नष्ट होने शुरू हो गए है।मेड़ता कलस्टर क्षेत्र मे इस रबी सीजन मे करीब 2 लाख 1 हजार 9 सौ हैक्टेयर मे रबी फसलों की बुवाई हुई थी जिसमे करीब 45300 हैक्टेयर मे जीरें की बुवाई हुई थी।किसानों को पहले सरसों की फसल पाले के चपेट में आने से फसल में नुकसान झेलना पड़ा था और अब जीरें की फसल पर खतरा मंडराने से किसानों की चिंता बढती जा रही है।
रिपोर्ट ओमप्रकाश गौड़ ब्यूरो चीफ मेड़ता