पिछोर से राघवेन्द्र सिंह चौहान रिपोर्ट
पिछोर शिवपुरी/महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्र परियोजना का सुचारू रूप से पुनः नियमित संचालन किया जावें।MGGSK परियोजना में कार्यरत सभी DI, BI का बकाया वेतन व सभी VLE/सख़ी का माह का मानदेय का भुगतान अविलंब किया जाये।
MG-GSK परियोजना कि तकनीकी समसगों का समाधान व नियमित संचालन बावत।*
माननीय भारत सरकार, पंचायती राज मंत्रालय एवं CSC e-Governance India Limited के मध्य हुए MoU के आधार पर INNOWAVE IT INFRASTRACTURE LIMITED के द्वारा प्रदेश में महात्मा गाँधी ग्राम सेवा केंद प्रदेश कि 5011 ग्राम पंचायतो में महात्मा गाँधी ग्राम सेवा केंद्र संचालित किये जाने हेतु कार्यादेश जारी किये गए।
माननीय महोदय जी जुलाई 2020 में तत्कालीन मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा महात्मा गाँधी ग्राम सेवा केंद्रों(CSC 2.0) को शुरू किया गया था इन केन्द्रों के माध्यम से शासन कि जनकल्याणकारी योजनाओ को जैसे – G2G,G2C,G2B,B2B, PM सम्मान निधि के ऑनलाइन फॉर्म , लाड़ली बहना के फॉर्म , KYC ग्रामीणों को पेंशन का भुगतान, पेंशनर कि KYC, पंचायत दर्पण, ई-ग्राम सॉफ्ट, आयुष्मान कार्ड, प्रधान मंत्री श्रम योगी मानधन योजना, किसान सम्मान निधि, बैंकिंग सुविधाए व अन्य सुविधाएं। प्रधानमंत्री डिजिटल साक्षरता मिशन को ग्रामीणों तक पहुचाने का कार्य MGGSK के माध्यम से किया गया है। जिसके पारिश्रमिक के रूप में एक निश्चित मानदेय देंने का आश्वासन शासन व CSC कि ओर से दिया गया था लेकिन आज दिनांक तक मानदेय के रूप में एक रुपये की भी राशि हम VLE/सखी को प्राप्त नहीं हुई है। हम VLE/सखी के मानदेय कि राशी पिछले 48 माह से नहीं मिलने से हमारी आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है। कोरोना काल मे हमने विपरीत परिस्थितियों में काम किया जिसके चलते हमारे कई VLE/सखी साथी संकम्रित हुए। जिनमें से कई लोगो की मौत भी हो गयी थी। आजतक भी उन परिवारों की कोई सुनने वाला नहीं है। इस परियोजना के लिए हमनें जो सेटअप जमाया उस वजह से कई VLEs पर काफी कर्ज भी हो गया है जिससे कि खुद का व परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है।