रिपोर्टर विजय कुमार यादव
मानपुर क्षेत्र के आसपास के गांव में इन दोनों शराब की अवैध बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है जिस गांव का माहौल खराब हो रहा है गांव में देसी विदेशी शराब तथा बियर भी किराना दुकानों पर आसानी से उपलब्ध है गांव में शाम को इन शराब के अड्डों पर शराबियों की टोलियां खुले में बैठकर शराब पीती नजर आती है इस दौरान महिलाओं का गांव में निकलना मुश्किल हो जाता है गांव के युवा वर्ग पर भी इसका खासा असर देखा जा सकता है जिले के मानपुर क्षेत्र के बिजौरी रोड पर ग्राम रक्सा सहित अन्य गांव में शराब की बिक्री का हाल यह है कि किराने की दुकानों पर शराब बेची जा रही है जहां किराना दुकानों पर व्हिस्की से लेकर देसी विदेशी मदिरा तथा ठंडी बियर आसानी से उपलब्ध हो जाती है हर छोटे-बड़े गांव में दो-चार दुकान खुली आसानी से देखी जा सकती है फिर भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है स्कूल और आंगनबाड़ी के पास छलक रहे जामजिले का दुर्भाग्य काहे की चंद्र रूपों के लालच में जिम्मेदार आंख मूंदे हुए हैं और रक्षा गांव में मिडिल स्कूल जिसमें आंगनबाड़ी भी संचालित है और उसी के बगल में चिंतामणि साहू किराना दुकान की आड़ में कई सालों से खुलेआम शराब बेच रहा है जिसका असर स्कूल और आंगनवाड़ी में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों पर भी हो रहा है लेकिन सब खुलेआम हो रहा है कई बार स्कूल के शिक्षकों ने दुकानदार को शराब बेचने से मना भी किया लेकिन दुकानदार कहता है कि जो करना हो कर लो नहीं बंद करूंगा मैं पुलिस वालों को पैसा देता हूं।
एक तरफ शासन अभियान चलाते हैं स्कूल से 100 मीटर की दूरी पर पान गुटका तंबाकू शराब दूरी होनी चाहिए और यहां हर दो कदम में शराब का ठेका खोल के रखे हैं। सभी ग्रामीणजन का कहना है बच्चों के साथ खिलवाड़ ना करें अगर शराब इनको बेचना ही है तो गांव के बाहर बेचें स्कूल के सामने ना बेंचें पुलिस और आबकारी विभाग जानकारी होने पर भी नहीं करती कारवाई दुकान में शाम होते ही लगता है जमघट बताया जाता है कि रक्षा गांव के आसपास कई क्रेशर संचालित है और शाम 6:00 बजे के बाद जब क्रेशर में काम करने वाले मजदूरों की छुट्टी होती है तो वह थकान मिटाने में खाने पहुंचते हैं और किराना दुकान में मेला लग जाता है और उनके शोर शराबी से आसपास के घरों की महिलाएं और बच्चे काफी भयभीत होते हैं क्योंकि शराब पीने के बाद गाली गलौज शुरू हो जाता है जिसका असर आसपास के बच्चों पर होता है और यह सिलसिला आधी रात तक चलता रहता है लेकिन आज पास रहने वाले कई सालों से यह साहित्य आ रहे हैं क्योंकि कोई उनकी सुनता नहीं है और जिम्मेदार जानकर भी शराब माफिया और पैसों की खनक से मौन है।
अब जब सब मिली भगत से हो रहा हो तो कोई क्या कर सकता है जब जिम्मेदार ही हिस्सेदारी हो तो फिर भगवान ही मालिक है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की सरकार कितना भी सुशासन का दावा करें लेकिन उमरिया जिले में तो जिम्मेदार अधिकारी इसका मखौल उड़ाते नजर आ रहे हैं।