440 यूनिट रक्तदान, समाज में पेश की मिशाल
सतलोक आश्रम में हो रहा भव्य महासमागम,अखंड पाठ व भंडारा
*बैतूल।* उड़दन स्थित सतलोक आश्रम बैतूल में चल रहे तीन दिवसीय विशाल भंडारे का आज दूसरा दिन है जिसका समापन 8 फरवरी को होगा। हर बार की तरह संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में नेपाल सहित भारत के 11 आश्रमों में कबीर साहिब जी का निर्वाण दिवस मनाया जा रहा है और आज यह समागम का दूसरा दिन है। साथ ही हम बात करें देश और दुनिया की तो इस वर्ष नेपाल के अलावा कई देशों में कबीर साहेब का निर्वाण दिवस मनाया जा रहा है। आपको बता दें महीना भर पहले से पूरे विश्व के लोगों को सोशल मीडिया के द्वारा तथा घर-घर जाकर संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा उच्चाधिकारियों से लेकर आम जन-मानस को भंडारे का निमंत्रण कार्ड दिया गया। इसी के चलते लगातार लोगों का आना जाना लगा हुआ है। तीन दिवसीय विशाल समागम में शुद्ध देसी घी से निर्मित बूंदी प्रसाद, पूड़ीराम, फुल्काराम चावल राम तथा कई प्रकार के सलाद और सब्जियां श्रद्धालुओं को परोसी गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आश्रम में 14 राज्यों से संगत आ रही है और भंडारे में कई हजारों लोग एक साथ भोजन भंडारा ले रहे हैं। एक अद्भुत नजारा यहां देखने मिला जो सभी को आकर्षित कर रहा था आश्रम में लगाई जाने वाली प्रदर्शनी में कट आउटस् के माध्यम से कबीर जी द्वारा की गई लीलाओं को दर्शाया गया इसमें श्रद्धालु बहुत ही रुचि ले रहे थे।
साथ ही सिक्योरिटी सेवा की बात करें तो बहुत ही व्यवस्थित तरीके से की जा रही है। बर्तन सेवा, भंडारा बनाने की सेवा, परोसने की सेवा, और भी कई सेवाएं, सेवादार भक्त बड़ी उमंग और उत्साह से सेवा करते नजर आ रहे हैं।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक ज्ञान गंगा और चारों धर्मों के पवित्र सद्ग्रंथ रखे थे जिनके साथ लोगों ने मिलान करके देखा तो अचंभित रह गए। आज दिनांक 7 फरवरी को दहेज प्रथा खत्म कर बिना दान दहेज़ के सादगी पूर्ण तरीके से 51 जोड़ों का सामूहिक विवाह जिसे संत भाषा में रमैनी कहते हैं,संपन्न हुआ और समागम में रक्तदान शिविर लगाया गया जिसमें भक्तों ने 440 यूनिट रक्त दान किया, और 5319 लोगों ने देहदान के फॉर्म भरे। 6 फरवरी को अमरग्रंथ साहिब के पाठ का उच्चारण संत रामपाल जी महाराज के मुखारबिंद से शुरू हुआ और इसका समापन कल दिनांक 8 फरवरी को भोग की वाणी के साथ होगा।
इसके अलावा संत जी के अनुयायियों के अनुभव सुने जिसमें उन्होंने बताया कि संत रामपाल जी महाराज शास्त्र अनुकूल साधना बता रहे हैं जो पूर्ण मोक्षदायक है।
संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान को समझकर अभी तक 2000 से अधिक लोगों ने निःशुल्क नाम दीक्षा ग्रहण की।
===जिला गुना से गोलू सेन की रिपोर्ट===