अक्टूबर 2025 तक 20 सीआईएसएफ परिसर सौर ऊर्जा से चलेंगे
सोनभद्र समाचार ब्यूरोचीफ नन्दगोपाल पाण्डेय
सोनभद्र। नई दिल्ली नवीकरणीय ऊर्जा स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम में, सीआईएसएफ ने 31.10.2025 तक 11 राज्यों में स्थित 16 सीआईएसएफ परिसरों में 3281 किलोवाट छत सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (एनवीवीएन) के साथ एक बिजली खरीद समझौते (पीपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह 04 सीआईएसएफ परिसरों अर्थात् आरटीसी अराकोणम (टीएन), महिपालपुर कैंपस (दिल्ली), आरटीसी बहरोड़ में स्थापित 1990 किलोवाट क्षमता की मौजूदा परियोजनाओं के अतिरिक्त होगा।नई स्थापनाओं के पूरा होने पर, सभी सीआईएसएफ परिसरों में कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 5271 किलोवाट तक पहुंच जाएगी। यह पहल ऊर्जा सुरक्षा और हरित भविष्य के लिए भारत सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है।गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में छत पर ग्रिड सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना, संचालन और रखरखाव के लिए नवीकरणीय ऊर्जा सेवा कंपनी (आरइएससीओ) मॉडल के तहत परियोजना के कार्यान्वयन का काम एनवीवीएन को सौंपा है। इस मॉडल के तहत, पूंजीगत व्यय निष्पादन फर्म, एनवीवीएन द्वारा वहन किया जाता है, जबकि विभाग को 25 वर्षों की संपूर्ण अनुबंध अवधि के लिए, एक निश्चित टैरिफ दर पर, केवल उत्पादित बिजली के लिए भुगतान करना होता है। एनवीवीएन को 31 अक्टूबर 2025 तक सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना पूरी करने और परिचालन शुरू करने की उम्मीद है।
आगामी सौर ऊर्जा संयंत्र निम्नलिखित 16 सीआईएसएफ परिसरों में स्थापित किए जाएंगे।जो निम्न प्रकार से उल्लेखनीय है।
01 उत्तर प्रदेश, 5वीं आरक्षित वाहिनी गाजियाबा 2 ,एसएसजी ग्रेडण् नोएड 3,ग्रुप मुख्याल प्रयागराज
4,प्रथम आरक्षित वाहिनी बड़़वाहा मध्य प्रदेश,5,आरटीसी बड़वाहा मध्य प्रदेश 6,9वीं आरक्षित वाहिनी देवली राज्यस्थान 7, आरटीसी देवली राज्यस्थान 8, तीसरी आरक्षित वाहिनी भिलाई, छत्तीसगढ़ 9,आरटीसी भिलाई छत्तीसगढ़ 10,चौथी आरक्षित वाहिनी शिवगंगाई तमिलनाडु 11, द्वितिय आरक्षिक वाहिनी रांची , झारखंड 12,10वीं आरक्षित वाहिनी बेंगलुरु कर्नाटक 13,पू0क्षे0-1 मुख्यालय पटना ,बिहार 14,ग्रुप मुख्यालय अहमदाबाद, गुजरात15,केआरटीसी मुंडली, ओडिशा 16,निसा (एनआईएसए) हैदराबाद, तेलंगाना।
नवीकरणीय ऊर्जा की ओर प्रमुख बदलाव से जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी। सौर ऊर्जा, एक स्वच्छ, हरित और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत होने के नाते, कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पारंपरिक बिजली दरों की तुलना में सौर ऊर्जा के कम टैरिफ से सीआईएसएफ के लिए वर्षों में पर्याप्त लागत बचत होगी। इसके अलावा, ये छत पर लगे सौर संयंत्र सीआईएसएफ प्रतिष्ठानों को विश्वसनीय, निर्बाध और टिकाऊ बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे, जिससे ऊर्जा दक्षता और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
सीआईएसएफ पर्यावरण संरक्षणए लागत दक्षता और ऊर्जा खपत में आत्मनिर्भरता के लिए समर्पित है, जिससे यह पहल स्वच्छ और अधिक टिकाऊ भविष्य की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम बन गई है।