चित्तौड़ गढ़
सुरेश शर्मा
कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के बीच चले तलवार और डंडे, जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज
दोनों वकीलों को चित्तौड़ अस्पताल में किया रेफर
गंगरार। कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के बीच चली तलवार और डंडे दोनों अधिवक्ता गंभीर घायल दोनों वकीलों ने जानलेवा हमले का आरोप दोनों वकीलों को चित्तौड़ किया रेफर, लोग अपने खेटे-बड़े समस्त विवादों को सुलझाने के लिए वकीलों के माध्यम से कोर्ट में का आस्था से जाते है कि उन्हें वकीलों के माध्यम से न्याय मिलेगा और उन्हें व्याय मिलता भी है। लेकिन न्याय के इस मंदिर में अधिवक्ताओं द्वारा आपस में लड़ना झगड़ना यह भी लाठियां में तलवारों से जब ऐसा दृश्य न्याय की आस लगाए लोगों के सामने होता है तो उन लोगों के मन में इस न्यायालय के बी मंदिर को लेकर कैसे-कैसे विचार उत्पन्न होते होंगे इसका अंदाजा आसानी एक नवारा गुरुवार प्रात स्थानीय सिविल न्यायालय में देखने को मिला जहां बार एसोसिएशन अध्यक्ष के दोनों ही अधिवक्ताओं को अन्य वकीलों
लासे लगाया जा सकता है। जी हां ऐसा ही ल, क वर्चस्व की लड़ाई तू तूं में में से गाली रों गलौज व तलवारबाजी तक पहुंच गई।
व पुलिस ने गंभीर घायल अवस्था में गंगदर चिकित्सालय में पहुंचाया जहां आचार के बाद रेफर कर दिया गया। बना प्रभारी दुर्गा प्रसाद दाधीच ने बताया कि जोरावर सिंह पिता भंवर सिंह राजपूत 36 वर्ष निवासी भारखेड़ा थाना गंगवर ने थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि मैं हमेशा की तरह गुरुवार प्रातः 11:00 बजे न्यायालय परिसर में गया था।। जहां अधिवक्ता कमलेश कुमार शर्मा पिता मधुसूदन शर्मा लठ लेकरआया व उसका जेठ भाई हाथों में तलवार लेकर आया
इलाम में हमला करने से मेरे सिर में कनवार की चोट आई तथा हाथ पर डंडे से हमला किया जिससे मैं वहीं बेहोश लेकर गिर गया। मुझे अस्पताल पहुंबाया गया कमलेश कुमार शर्मा के खिलाफ धारा 109, 115 में मुकदमा दर्ज किया गया। जबकि कमलेश कुमार शर्मा पिता मधुसूदन शर्मा निवासी गंगवर ने रिपोर्ट देकर बताया कि गुरुवार प्रत एडपोकेट होने के नाते में करीब 10:00 बजे कोर्ट में गंगरार में पेरणी करने हेतु गया था। मेरे व जोरावर सिंह पिता भवर सिंह जो हाल
एडवोकेट न्यायालय गंगरार में है जिससे अभिभाषक संस्थान गंगहर को लेकर दोनों में विवाद चल रहा है। इसी कारण बुधवार को मोबाइल पर मुझे जान से मरने की धमकी दी थी। मैं गुरुवार को इजलास में पैश्खी कर न्यायालय इजलास से बाहर बवमदे में निकला था कि जेराबर सिंह अपने हाथ में नंगी धार तलवार लेकर मुझे जान से मारने की वैयत से सिर पर वार किया। जिससे मैं हथ ऊपर करने से बाएं हाथ की अलिया कट गई। तथा बाई तरफ जाम पर भी तलवार से वार किया जिससे मैं तलवार को पकड़ लिया जिससे हाथ की अतों लियां में चोटे आई। हल्ला होने पर मेरा भाई रानू आ गया लोगों ने बीच बयान कर मुझे छुड़ाया। मौके पर पुलिस आ गई थी जिन्होंने मुझे अस्पताल पहुंधाया। कमलेश शर्मा की रिपोर्ट पर जेरावर सिंह के खिलाफ भाव 109, 115 में मुकदमादर्ज कर जांच आरंभकर दी है। प्रजात जानकारी के अनुसार इन देनों अधिवक्ताओं में झगड़ा बार अध्यक्ष के वर्चाय की होना बताया है।