“हाथों” में “टोकेन” लिए “क्रय केंद्रों” के “चक्कर” लगा रहे “किसान”
????14हजार किसानों से 60 हजार मीटन.गेहूं खरीदने का दावा!
????क्रय केंद्रों में हावी रहे व्यापारी व बिचौलिया!
????गेहूं बेचने के लिए अफसरों के आगे अब भी गिड़गिड़ाते नजर आ रहे किसान!
????मुकम्मल हैं सरकारी दस्तावेज पर बदहाल हैं किसान!
????आज भी मंडी के कई केंद्रों में तौल के लिए हजारों कुंतल किसानों का पड़ा है गेहूं!
????व्यापारियों व दलालों के मजबूत नेटवर्क के आगे बेबस अन्नदाता की सुनने वाला कोई नहीं!
????बिचौलियों के तिलिस्म को तोड़ने में नाकाम रहा है शासन-प्रशासन!
✍???? गेहूं की खरीद शुरू होने से लेकर अब तक किसानों की परेशानी कम नहीं हुई है।किसान फसल बेचने के लिए क्रय केंद्रों में मारामारी करते नजर आ रहे तो व्यापारियों की चांदी रही है। दलालों का बोलबाला रहा,किसान खरीद केंद्रों में अपनी उपज बेचने के लिए घुटनों के बल रहे और जिम्मेदारों के आगे गिडगिडाते नजर आए। कागजी खानापूरी कुछ भी की गई हो लेकिन बड़ी संख्या में किसान अपना गेहूं बेचने से वंचित रह गए। आज भी सैकड़ों किसान टोकेन लिए गेहूं बेचने के लिए मंडियों के चक्कर लगा रहे हैं और उनका गेहूं खरीदा नहीं जा रहा है।शिकवा शिकायतें भी शुरू हुई हैं लेकिन इनका असर क्रय केंद्र प्रभारियों पर नहीं है।नाजायज कमाई के चलते व्यापारियों एवं दलालों के गेहूं खरीदे जाना की भी खबरें बराबर आती रही हैं।जब सिस्टम भ्रष्ट हो जाए तो फिर अन्नदाता अपनी फरियाद को लेकर जाए तो जाए कहां?
फतेहपुर जिले में 59 क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं की खरीद की गई।खाद्य विभाग के 21,पीसीएफ के 29,मंडी परिषद के 2 तथा खाद्य निगम के 1 क्रय केंद्र के माध्यम से गेहूं की खरीद शुरू की गई और किसानों को टोकेन के माध्यम से गेहूं खरीदें जाने का फरमान जारी किया गया।प्रति कुंतल 1975 रुपए की धनराशि उनके खाते में जाने के आदेश रहे लेकिन इन आदेशों को हवा में उड़ा कर कर्ता-धर्ता मनमानी करते रहे। कई बार अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर कई केंद्रों में गड़बड़ियां पकड़ी भी।15 जून तक होने वाली गेहूं खरीद का समय जैसे-जैसे नजदीक आया किसान परेशान रहा तो व्यापारी व दलालों की मनमानी बढती गई।खरीद की समय सीमा समाप्त हुई तो हजारों किसानों के हाथों में टोकन रहा। निर्धारित समय खरीद केंद्रों में पहुंचने वाले किसानों को यह कहकर वापस कर दिया जाता रहा कि अभी उनकी बारी नहीं है। शासन से बढ़ाई गई तिथि के बाद अब खरीद 22 जून तक की जानी है और सारे कांटों को बंद कर दिया गया है लेकिन मंडी समिति के 6 मंडियों में लगाए गए 11 कांटो के माध्यम से गेहूं की खरीद की जा रही है।सरकारी आंकड़े जो बता रहे हैं उसके हिसाब से13961किसानों से 60287मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है पर हकीकत में किसान कितने हैं यह तो वही जाने। व्यापारी व दलाल कई केंद्रों में इस तरह से हावी हो गए हैं कि शासन-प्रशासन का कोई भी हथकंडा इनके तिलिस्म को समाप्त करने में काम नहीं आ रहा है।
असोथर विकास खंड के परसेठा निवासी किसान रामदास व विशुनदयाल 10 जून से टोकन लिए घूम रहे हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।बेटी की शादी है और मौसम विपरीत है।जागेश्वर स्थित कांटे में गेहूं 10 दिन से पड़ा हुआ है।मुख्यमंत्री तक से शिकायत करने के बाद नतीजा कुछ भी नहीं निकला है।बात अगर मंडी समिति बिन्दकी की की जाए तो यहां गोपालपुर के किसान मदन कुमार,पिपरी के दलजीत,हाफिजपुर हरकरनपुर के रामबरन तथा कोरसम के रामभरोसे जैसे दर्जनों किसान अपने गेहूं के तौलने की क्रय केंद्रों में फरियाद लगा रहे हैं,हाथ जोड़ रहे हैं,गिड़गिड़ा रहे हैं,विनती कर रहे हैं लेकिन व्यापारियों एवं दलालों के आगे उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।खुले में तथा ट्रैक्टरों में लगा गेहूं मंडी में कांटो में पड़ा है।हो रही बरसात से उपज को बचाने की जद्दोजहद किसान स्वयं कर रहे हैं।रात दिन उसकी रखवाली कर रहे हैं लेकिन जिम्मेदार अपने में मस्त हैं। कहने के लिए तो सब कुछ दुरुस्त हो रहा है लेकिन हकीकत यही है कि कई केंद्रों में बड़े पैमाने पर व्यापारियों एवं दलालों ने कब्जा जमा कर रखा है।इसी का नतीजा रहा कि किसान गेहूं बेचने के लिए परेशान घूमता रहा।
बिन्दकी मंडी में मौजूद किसानों ने आरोप लगाया है कि उनके बाद के आने वालों से खरीद कर ली गई।व्यापारी मंडी में मौजूद रहते हैं।किसानों से खतौनी लेकर अपने नेटवर्क से काम करते हैं और मोटी कमाई कर रहे हैं।इसका बड़ा हिस्सा क्रय केंद्रों से लेकर ऊपर तक पहुंच रहा है।इसी का परिणाम है कि परेशान किसान अफसरों की चौखटों तक दस्तक दे रहा है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।आज भी सैकड़ों किसानों के हाथों में गेहूं बिक्री का टोकन है लेकिन केन्द्रों से उन्हें वापस किया जा रहा है। आखिर भ्रष्टाचार के इस नासूर को कैसे खत्म किया जाएगा?कौन करेगा?यह बड़ा सवाल है लेकिन फिलहाल किसान बदहाल है।
जिला संवाददाता:- दीपक मिश्रा, राम जी कैमरा मैंन के साथ इंडियन टीवी न्यूज चैनल