यमुना नगर संदीप गाँधी की रिपोर्ट
अभिभावक सेवा मंच के बैनर तले अभिभावकों ने प्रशासनिक अधिकारी डी. आर. ओ. तरूण सहोता के माध्यम से मुख्य मंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन देकर निजी स्कूलों की नाजायज मनमानियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञात हो पिछले एक दशक से अभिभावक निजी स्कूलों द्वारा एन सी ई आर टी की बुक्स के स्थान पर जबरन अभिभावकों को प्राइवेट स्कूल मनचाहे दामों पर निजी पब्लिशर्स की किताबें और स्कूलों के नाम छपी हुई नोटबुक बेच रहें हैं जो केवल एकाधिकार प्राप्त दुकानदार और स्कूल द्वारा ही संचालित दुकानों पर मिल रहीं हैं। पिछले दो साल में माडल टाउन और सरोजनी कालोनी स्थित निजी स्कूलों में शिक्षा विभाग और मुख्य मंत्री उड़न दस्ते की जबरदस्त सयुंक्त छापामारी हुई। जिसकी विडियोग्राफी भी हुई इतना सब होने के बाद भी दोनों दुकानें धड़ल्ले से पहले से भी 25-30%मंहगी किताबें बेच रहे हैं। अप्रैल 2022 में अभिभावकों के एक अनशन के बाद 58 निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने स्वयं 58 सरकारी प्रधानाचार्यों की अगुवाई में जांच करवाकर शिक्षा निदेशालय को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी थी उस पर भी आज तक कोई एक्शन नहीं हुआ। महेंद्र मित्तल ने तरुण सहोता को बताया कि एक अनुमान के अनुसार यदि गणना की जाए तो पहली कक्षा से सीनियर सकैंडरी तक बच्चों को नौलखा किताबों का सैट अभिभावक खरीद कर देना पढता है, और साथ ही साथ एकाधिकार प्राप्त दुकानों से अलग-अलग स्कूलों की वर्दीयां भी अभिभावकों की जेब पर भारी पडती हैं। विपिन गुप्ता ने मांग की कि जिस प्रकार दिल्ली व राजस्थान सरकार निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई कर रही है उसी तरह हरियाणा में भी स्कूलों की मान्यता रद्द करने का प्रावधान हो। मांग पत्र में सरकार से इस विषय पर जल्द-से-जल्द समाधान की मांग उठाये जाने की वकालत की गई। मौके पर अभिभावक मंच के संयोजक महेन्द्र मित्तल, संजय मित्तल, विपिन गुप्ता, शैंकी गुप्ता, अनुराग सिंघल, राहुल भान, ज्योति गुप्ता, संदीप और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।