नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो हजारीबाग
10 मई को हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में एक राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा
हजारीबाग: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार और झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार 10 मई को हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में एक राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी गुरुवार को प्रधान जिला जज रणजीत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी। उन्होंने बताया कि लंबित वादों के निष्पादन को लेकर यह लोक अदालत लगाया जा रहा है, जो पूरे देश में एक साथ शनिवार को लगेगा। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में पक्षकारों की आपसी सहमति के बाद मामलों का निष्पादन किया जाएगा। प्रधान जिला जज ने बताया कि वादों के निष्पादन के लिए लोक अदालत एक सस्ता, सुगम व सरल माध्यम है। और लोक अदालत के खिलाफ अपील में नहीं जाया जा सकता है इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को लोक अदालत को अपनाना चाहिए।
जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर पहले से ही करीब आठ हजार नोटिस पक्षकारों को भेजे जा चुके हैं। और उनका लक्ष्य है की ज्यादा से ज्यादा लंबित वादों का निष्पादन इस लोक अदालत में हो। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक, वित्तीय संस्थानों से संबंधित मामले, वन, बिजली, उत्पाद, मापतौल, चेक बाउंस, सिविल प्रकृति के मामले, वैवाहिक संबंधित मामले, मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिनियम से संबंधित मामले, श्रम के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन से संबंधित मामलों का निष्पादन भी किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए 11 बेंच का गठन किया गया है। हर एक बेंच में एक न्यायिक पदाधिकारी, एक पैनल अधिवक्ता, संबंधित विभाग के पदाधिकारी और सिविल कोर्ट कर्मचारी लोगों की सुविधा के लिए उपलब्ध रहेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को इस वर्ष का द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत होगा। इससे पूर्व 8 मार्च को इस वर्ष का प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा चुका है। जिसमें 58 हजार से अधिक छोटे-बड़े मामलों का निष्पादन किया गया था। जिसमें 59 करोड़ रुपए से अधिक की राशि पर पक्षकारों के बीच सहमति बनी थी। प्रधान जिला रणजीत कुमार ने बताया कि शनिवार को लगने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत में उनका लक्ष्य पिछले आंकड़ों को पार करना है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभान्वित करना है। उन्होंने पक्षकारों से अपील किया है कि ज्यादा-से-ज्यादा संख्या में भाग लेकर इस राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं।