डिंडौरी जिलों को दस साल बाद नक्सल संभावित श्रेणी में नक्सल प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया गया। जिले के तीन थाना क्षेत्र बजाग, समनापुर और करंजिया को नक्सल प्रभावित इलाके में शामिल करने से यहां सुरक्षा और विकास की संभावनाएं बढ़ गई हैं। वहीं सुरक्षा के लिहाज से भी इसको एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
गौरतलब है कि 2012 में डिंडोरी जिले को नक्सल सूची से हटा दिया गया था। लेकिन पिछले दिनों जिले की छत्तीसगढ़ और मंडला से सटे सीमावर्ती गांवो में नक्सली आहत की सूचना और चहलकदमी की पुख्ता प्रमाणों के मद्देनजर करंजिया, बजाग और समनापुर को विशेष सुरक्षा क्षेत्र में शुमार कर लिया गया है।
डिंडौरी पुलिस अधीक्षक संजय कुमार सिंह ने इसकी आधिकारिक करते हुए मीडिया को जानकारी दी है कि केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से जिले को नक्सल प्रभावित घोषित कर दिया है। जिनके आधार पर तीनों थाना क्षेत्र में सुरक्षा और नेटवर्किंग संबंधी योजना तैयार की जा रही है। नक्सल effected का दर्जा मिलने के आधार पर जिले को सुरक्षा, विकास और मौलिक जरूरतों के लिये विशेष राशि भी मुहैया कराने का प्रावधान है।
इसके साथ ही तीनो थानों में केंद्रीय सुरक्षा बल, हॉक फोर्से सहित अन्य गुप्तचर एजेंसी तैनात करने की योजना पर कार्य चालू कर दिया गया है।
प्रशांत सिंह सिसोदिया ब्यूरो चीफ जिला डिंडोरी मध्य प्रदेश
बाइट 01 संजय सिंह,एसपी डिंडौरी