हितग्राही मूलक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वन कर परिणाम मूलक बनाये – कलेक्टर
उमरिया – शासन द्वारा विभिन्न योजनाओ के माध्यम से पात्र हितग्राहियों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान हेतु योजनाओ का संचालन किया जाता है। पात्रतानुसार हितग्राहियों को शासन, विभागो के माध्यम से अनुदान भी देती है। विभिन्न विभागों का लक्ष्य योजनाओ की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति प्राप्त करने तक सीमित नही होना चाहिए, बल्कि सतत मानीटरिंग के माध्यम से लाभान्वित हितग्राही के जीवन में सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति भी परिलक्षित होना चाहिए। उक्त आशय के निर्देश कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने कृषि, उद्यानिकी, पशु पालन तथा कृषि विज्ञान केंद्र की समीक्षा के दौरान दिए। बैठक में अपर कलेक्टर अशोक ओहरी, उप संचालक कृषि खेलावन डेहरिया, उप संचालक पशु चिकित्सा डाक्टर वाय पी तिवारी, सहायक संचालक उद्यानिकी के पी शुक्ला उपस्थित रहे ।
कलेक्टर ने कहा कि संबंधित विभाग अपने मैदानी अमलें की दैनिक टूर डायरी सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता को अवगत कराए। योजना का लाभ जिन हितग्राहियो को दिया जाए उनकी सतत मानीटरिंग भी सुनिश्चित की जाए। उपलब्धियों का प्रकाशन जनसंपर्क विभाग के माध्यम से कराया जाए। इसके लिए सभी विभाग नोडल अधिकारी नियुक्त करें। कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होने बीज वितरण कार्यक्रम, प्रदर्शन कार्यक्रम तथा जिले में खाद, बीज की उपलब्धता की समीक्षा की।
इसी तरह उद्यानिकी विभाग में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना सहित अन्य योजनाओ की समीक्षा की। पशु पालन विभाग में बैकयार्ड मुर्गी पालन, आचार्य विद्यासागर योजना, बकरी पालन कृत्रिम गर्भाधान योजनाओ की समीक्षा की। आपने कहा कि पशु पालन विभाग क्लस्टर के माध्यम से चयनित ग्रामों में योजनाओ का संचालन करें। सभी योजनाओ के हितग्राहियों का चयन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाए। उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओ की जानकारी उद्योग विभाग में भी उपलब्ध है। हितग्राही या युवा स्वरोजगारी उद्योग विभाग या उद्यानिकी विभाग के माध्यम से योजनाओ की जानकारी तथा उनका लाभ प्राप्त कर सकते है।