महेंद्र कुमारदुबे
अगर कोई शराब बेचते हुए नजर आता है, तो उसकी सूचना देने वाले को 1100 रुपये का इनाम दिया जाता है
इस कदम से ग्रामीणों के बीच जागरूकता और जिम्मेदारी बढ़ी है.
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले का बैरवार गांव एक नई मिसाल पेश कर रहा है. शराब के नशे में डूबे इस गांव को अपनी बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए गांव के सरपँच ने एक ऐसा कदम उठाया है, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है । अब गांव में न झगड़े हो रहे हैं, न परिवार टूट रहे हैं.
ग्रामीणों ने बताया कि पहले छोटे बच्चे भी शराब पीने लगे थे, जिससे परिवारों में झगड़े और बच्चों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा था. अब गांव में शांति का माहौल है।
एसडीओपी अभिषेक गौतम ने
इस पहल को प्रेरणादायक बताया और इसे अन्य गांवों के लिए एक मिसाल माना. उन्होंने सरपँच व ग्रामीणों के इस नवाचार की सराहना की.
पहले गांव में 5-6 स्थानों पर लोगो के द्वारा अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी।
लेकिन सरपँच ने पुलिस प्रशासन की मदद से गांव में पूर्णतया शराब बेचने वालों पर पाबंदी लगा दी है।
सरपँच सुरेन्द सिंह दांगी ने बताया उन्होंने एक तरकीब निकाली उन्होंने पंचायत में मुनादी कराई ,जो भी व्यक्ति अवैध रूप से शराब बेचने वालों की जानकारी देगा उसको 1100 रुपये नगद दिए जाएंगे।
इसके बाद अवैध शराब बिक्री की जानकारी सरपँच को मिलती रही, ओर उसी जानकारी के आधार पर पुलिस कार्यवाही करती रही।
अब गांव में 100% शराबबंदी है।
महीने दो महीने में कोई चोरी छुपे कोशिश करता है बेचने की तो दूसरे लोग इनाम के लिये सरपँच को जानकारी भेज देते है।
ओर अवैध शराब बेचने वाला पकड़ लिया जाता है।