परलकोट क्षेत्र में डीएपी खाद की बढ़ती कीमतों को लेकर किसानों और कृषि आदान विक्रेताओं में आक्रोश देखा जा रहा है। इस संबंध में परलकोट कृषि आदान विक्रेता संघ के अध्यक्ष श्री असीम पाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कंपनियों और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अध्यक्ष असीम पाल ने कहा कि क्षेत्र में संचालित कृषि आदान विक्रेताओं को कंपनियों द्वारा डीएपी खाद ऊंचे दामों पर खरिदना पड़ रहा है। साथ ही विक्रेताओं को मजबूरन लदान के साथ नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, अपना पावर, मुक्ता पावर जैसे उत्पाद भी खरीदने पड़ते हैं। यदि यह अनावश्यक लदान नहीं लिया जाए तो कंपनियाँ डीएपी या यूरिया खाद की आपूर्ति नहीं करतीं। यह एक प्रकार की व्यावसायिक बाध्यता है जो न केवल विक्रेताओं को घाटे में डाल रही है, बल्कि किसानों को भी महंगे दाम पर खाद खरीदने के लिए विवश कर रही है।
अध्यक्ष असीम पाल ने यह भी आरोप लगाया कि यह समस्या क्षेत्रीय विधायक माननीय विक्रम देव उसेण्डी जी के संज्ञान में लाने के बावजूद उन्हें कोई खास चिंता नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि “कांग्रेसियों को चिल्लाने के अलावा कोई और काम नहीं आता। उन्हें न तो किसानों की समस्याओं से मतलब है और न ही समाधान से; वे सिर्फ राजनीति करना जानते हैं।”
इसके अतिरिक्त, उन्होंने मत्स्य पालन में डीएपी खाद के उपयोग को भी गंभीर चिंता का विषय बताते हुए शासन और प्रशासन से इस दिशा में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
प्रेस विज्ञप्ति के अंत में अध्यक्ष पाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बार-बार धरना प्रदर्शन कर कृषि आदान विक्रेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश की गई तो परलकोट क्षेत्र के समस्त कृषि आदान विक्रेताओं द्वारा खाद का विक्रय पूर्णतः बंद कर दिया जाएगा।