जनसुनवाई पोर्टल बना मजाक, शिकायतों पर नहीं हो रही कार्रवाई — जनता में आक्रोश
महराजगंज (उत्तर प्रदेश)
सरकार द्वारा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित जनसुनवाई पोर्टल अब खुद सवालों के घेरे में है। जिले में आम जनता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों पर न कोई सुनवाई हो रही है, न ही कोई ठोस कार्रवाई दिखाई दे रही है। इससे नाराज लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर न शिकायतों पर अमल होना है, न सुनवाई — तो फिर इस पोर्टल का औचित्य क्या है?
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने एक गंभीर मुद्दे को लेकर जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई जवाब नहीं आया। मजबूरीवश उन्होंने दोबारा वही शिकायत दर्ज की, फिर भी नतीजा शून्य ही रहा। उनका कहना है कि, “अगर जिलाधिकारी तक ही जबावदेह नहीं हैं, तो जनसुनवाई पोर्टल सिर्फ दिखावा बनकर क्यों रह गया है?”
लोगों का आरोप है कि शिकायतें केवल “निपटाया गया” दिखाकर फाइलों में दबी रह जाती हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होती। इससे जनता में गहरी नाराजगी है। कुछ लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि, “क्या अब जनता को समझ लेना चाहिए कि उसे हर हाल में चुप ही रहना है?”
सरकार चाहे जितना भी दावा करे कि वह जनता की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। यदि यही हाल रहा तो लोगों का सरकारी सिस्टम से भरोसा उठना तय है।
रवि प्रताप सिंह ( ब्यूरो चीफ महराजगंज )