सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री पर 1000 करोड़ रुपये का घूस लेने का आरोप।
केंद्र की मोदी सरकार ने मध्यप्रदेश के 52 जिलों के लिये जल जीवन मिशन के अंतर्गत 30 हजार करोड़ रुपये दिये थे ।
आरोप है कि पीएचई मंत्री होने के चलते सम्पतिया उइके ने ये रिश्वत ली है- केंद्र सरकार के निर्देश के बाद मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने अपनी ही मंत्री के खिलाफ जांच के आदेश दिये है।
प्रभारी मंत्री सम्पतिया उइके ने सिंगरौली को भी छला
👇
ये हैं हमारे जिले की पालक मंत्री जो अमिलिया घाटी में अडानी के ट्रेलर की लापरवाही से मौत के बाद मृतक की पत्नी से जाकर मिलती हैं – न्याय की बात करती हैं लेकिन बाद में पीड़ित को कहे अनुसार न तो नौकरी आजतक मिली और न ही वायदे के मुताबिक मुआवजा और न ही पीड़ित के बच्चे के पढ़ाई के लिये कोई मदद
पीड़ित के कहे अनुसार तो काम नही हुए लेकिन अडाणी के अधिकारियों के कहे अनुसार परिजनों को जेल भेज दिया गया और आज भी परिजन जेल में है।