रिपोर्टर राजेंद्र धाकड़ नर्मदापुरम
चिन्हित जीर्ण शीर्ण भवनों को डिसमेंटल करनें की कार्यवाही की जाए,
अनुविभागीय अधिकारी आश्रय स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें,
कलेक्टर ने संभावित बाढ़ आपदा एवं अतिवृष्टी की पूर्व तैयारियों की समीक्षा की
बुधवार को कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने कलेक्टर कार्यालय सभा कक्ष में बाढ़ एवं अतिवृष्टि से निपटने के लिए संबंधित विभागों द्वारा की जा रही पूर्व तैयारी की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निकायों में एवं जनपद पंचायत स्तर पर संभावित बाढ़ एवं अतिवृष्टि के लिए की जा रही कार्यवाही की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य, विद्युत, घाटों पर वाटर लेवल मार्किंग आदि की समीक्षा की ओर अधिकारियो को आवश्यक निर्देश दिए।जर्जर शासकीय एवं अशासकीय भवनों को डिस्मेंटल करने की कार्यवाही करें संबंधित अधिकारी।कलेक्टर ने जिले में जर्जर शासकीय एवं अशासकीय भवनों को चिन्हित कर जीर्ण शीर्ण भवनों को डिस्मेंटल करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि चिन्हित किए गए भवनों में से जीर्ण शीर्ण भवनों को डिस्मेंटल करवाया जाए साथ ही जिन भवनों की मरम्मत की गई हो उन भवनों की भी दोबारा जांच कर मजबूती सुनिश्चित कर ली जाए। बैठक में निकायवार सभी सीएमओ ने जानकारी दी की निकाय स्तर पर भवनो का चिन्हांकन कर लिया गया है। समस्त भू स्वामियों एवं शासकीय विभागों को नोटिस के माध्यम से सूचित भी किया जा चुका है। पिपरिया, बनखेड़ी माखनगर अंतर्गत जीर्ण शीर्ण भवनों को तोड़ने की कार्यवाही भी की गई है। कलेक्टर ने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास को निर्देश दिए की आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण कर सुनिश्चित करें कि किसी भी जर्जर भवन में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन न किया जा रहा हो।जरूरतमंद मरीजों को मिले एयर एम्बुलेंस की सुविधा।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में आपात स्वास्थ्य चिकित्सा के जरूरतमंद मरीजों को एयर एंबुलेंस के माध्यम से बाहर भेजे जाने के लिए सीएमएचओ आवश्यक कार्यवाही करें। इसके लिए पर्याप्त प्रचार करवाया जाए साथ ही निजी स्वास्थ संस्थानों के साथ भी समन्वय स्थपित कर उन्हें इस योजना के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। उन्होनें कहा कि नागरिकों को योजना के बारे में जागरुक करनें के लिए व्यापक रूप से प्रचार प्रसार भी करवाऐं। जिससे मरीजों को समय पर इस बहुउपयोगी योजना का लाभ प्राप्त हो सके। यह योजना गंभीर बीमारी वाले मरीजों को समय पर उचित इलाज उपलब्ध करवाये जानें में जीवनरक्षक साबित होगी। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि वर्षा काल को दृष्टीगत रखते हुए डेंगू एवं मलेरिया के मच्छरों की रोकथाम के लिए भी स्वास्थ्य विभाग निरंतर सर्वे कर लार्वा विनिष्टिकरण की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आपदा के समय राहत पहुंचाने का प्रमुख घटक होता है इसलिए संपूर्ण स्वास्थ्य अमला एक्टिव मोड में रहे।राहत प्रकरण में पीड़ितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध करवाई जाए। बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्देशित किया कि राहत प्रकरणों में पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र शासन द्वारा जारी राहत सहायता एवं राशि उपलब्ध करवाया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों में सहानुभूति पूर्वक परिवार के सदस्यों से मिलकर उन्हें सहायता उपलब्ध करवाई जाए। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी अपने अधीनस्थ अमले को ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए एक्टिव मोड में रखें। किसी भी स्थिति में पीड़ितों को सहायता पहुंचाई जाने में विलंब ना हो इस बात का ध्यान रखा जाए।पुल पुलिया पर रखें विशेष निगरानी, ओवरफ्लो के समय चौकसी के लिए निर्धारित करे कर्मचारी को ड्यूटी।पुल पुलिया पर अतिवृष्टि के समय ओवरफ्लो पर विशेष निगरानी रखी जाए। कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देशित किया कि आगामी 3 दिवसों में जीर्ण शीर्ण भवनों के डिमोलिशन की कार्यवाही करना प्रारंभ करें। कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना द्वारा निर्देशित किया गया कि अधिकारी सुनिश्चित करें कि कोई भी जर्जर शाला एवं आंगनवाड़ी भवनों का संचालन न किया जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए की सभी निर्माण विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सड़कों की मरम्मत आदि भी समय-समय पर संबंधित निर्माण विभाग करवाना सुनिश्चित करें। साथ ही सड़को पर अव्यवस्थित निर्माण सामग्री एवं अन्य अवरोधों को भी हटाया जाए। पुल पुलिया पर निर्धारित भार से अधिक भार वाले वाहनों को प्रतिबंधित किया जाए तथा हाइट बैरियर एवं बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक जाने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए। कलेक्टर ने यह निर्देश भी दिए की ऐसे पुल एवं पुलिया जिन पर से वाहनों का आवागमन पूर्णत प्रतिबंधित किया ना हो उसका सत्यापन कर प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए की सभी संबंधित विभाग अपने अंतर्गत आने वाली संरचना एवं भवनों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें।
निकायों एवं जनपद पंचायत स्तर पर आश्रय स्थल पर करें सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित
बैठक के दौरान कलेक्टर निर्देश दिए की ब्लॉक स्तर पर आपदा मित्रों की बैठक की जाए साथ ही आपातकालीन स्थिति में लोगों को आश्रय स्थल तक शिफ्ट करने के लिए पूर्व नियोजित तैयारी कर ली जाए साथ ही चिन्हित आश्रय स्थलों पर फर्स्ट एड किट रखने की व्यवस्था महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग रोकने की व्यवस्था आदि इंतजाम किए जाएं। कलेक्टर ने समस्त एसडीएम को निर्देश दिए कि उक्त सभी व्यवस्थाओं का नियमित रूप से निरीक्षण करे। इन स्थानों पर अधिकारी रात्रि कालीन भ्रमण भी करें साथ ही ग्रामीण स्तर पर आपात स्थिति में लोगों की शिफ्टिंग के लिए बचाव अमले को एक्टिव मोड पर रखें। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी सीओ एवं सीएमओ निराश्रित पशुओं को गौशाला में रखने की सभी मूलभूत सुविधाएं तैयार रखें। पशुओं के लिए भूसे का भंडारण कर लिया जाए। साथ ही पेयजल एवं पशुओं में होने वाली बीमारी की रोकथाम के लिए आवश्यक दावों की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी सीओ एवं सीएमओ जिले में संचालित सभी शासकीय एवं अशासकीय गौशालाओं को चिन्हित कर पशुओं को रखने की क्षमता का भी आकलन कर लें। आवश्यकता पड़ने पर अस्थाई गौशालाओं को तैयार करने के लिए भी स्थान चिन्हित कर लिए जाएं। ऐसे गऊ पालक जो गोवंश को वर्षा काल के दौरान सड़कों पर छोड़ देते हैं उनके विरुद्ध कार्यवाही करते हुए उन पर जुर्माना लगाया जाए।
नागद्वारी मेले की तैयारियों की समीक्षा
बैठक के दौरान कलेक्टर ने आगामी दिवसों में आयोजित होने वाले नागद्वारी मेले की तैयारी की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि मेले से पूर्व मंदिर की सीढ़ियों की मरम्मत कर ली जाए। साथ ही भीड़ नियंत्रण की भी व्यापक स्तर से व्यवस्था की जाए। कलेक्टर ने कहा कि मेले में ड्यूटी रथ पुलिस होमगार्ड पटवारी तथा अन्य कर्मचारियों की ब्रीफिंग कर उन्हें उनके कार्यों के संबंध में जानकारी दी जाए। साथ ही अधिकारी या सुनिश्चित करें कि ड्यूटीरत कर्मचारी मेला अवधि के दौरान नियत समय एवं स्थान पर ड्यूटी पॉइंट पर उपस्थित रहे। इसी के साथ उन्हें ब्रेक देने के लिए भी समय सारणी बनाए। उन्होंने कहा कि मेला अवधि के दौरान साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए साथ ही सुनिश्चित करें कि इस दौरान किसी भी प्रकार के संक्रामक रोगों का प्रसार न हो।
अन्य निर्देश बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी एसडीएम जिले में खुले हुए बोरवेल के संबंध में प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें साथ ही समस्त सीईओ एवं सीएमओ इस संबंध में आवश्यक जानकारी संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को प्रदान करें। उन्होंने जिला कमांडेंट को निर्देश दिए कि बाढ़ आपदा से संबंधित बचाव के लिए नाव बोट एवं अन्य बचाव सामग्रियों की रिपेयरिंग यदि आवश्यकता हो तो तत्काल रूप से करवाई जाए साथ ही घाटों का एवं नगरीय क्षेत्रों का आंकलन कर सुधारात्मक कार्यवाही के संबंध में जानकारी प्रस्तुत करें। घाटों एवं जिले के बड़े नालों पर वाटर लेवल की मार्किंग की जाए साथ ही वाटर लेवल की नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी की जाए। इस दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए की बाढ़ एवं जल भराव की स्थिति का पूर्व आकलन कर नागरिकों को सूचित करें विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से मॉनिटरिंग की जाए जिससे आपात स्थिति में नागरिकों को राहत केंद्रों तक पहुंचने में सहायता प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि जिले में पंजीकृत जेसीबी क्रेन पोकलेन आदि वाहनों की सूची वाहन मालिक का नाम एवं मोबाइल नंबर सहित संधारित की जाए। साथ ही लोक स्वास्थ एवं यांत्रिकी विभाग पेयजल स्रोत एवं अन्य जल स्रोतों में क्लोरिनेशन भी करवा।बैठक के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौजान सिंह रावत, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती संपदा सराफ, समस्त अनुविभागीय अधिकारी, समस्त तहसीलदार, समस्त मुख्य नगर पालिका अधिकारी, समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सहित संबंधित विभाग के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।