नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज ब्यूरो चीफ हजारीबाग।
मोहर्रम: सब्र, सच्चाई और कुर्बानी का प्रतीक, शांति से मनाने की अपील
हजारीबाग: इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने मोहर्रम को लेकर आज एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। खतियानी परिवार के केंद्रीय महासचिव मोहम्मद हकीम ने कहा कि मोहर्रम केवल गम का महीना नहीं, बल्कि सब्र, सच्चाई, ईमानदारी और हक की राह पर कुर्बानी का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि 10 मोहर्रम 61 हिजरी को करबला की धरती पर जो ऐतिहासिक बलिदान हुआ, वह मुसलमानों को जुल्म के खिलाफ डटकर खड़े रहने और धर्म की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने का संदेश देता है। हजरत इमाम हुसैन रजिः का पैगाम केवल मातम का नहीं, बल्कि साहस, सब्र और इंसाफ की ताकत से जुड़ा हुआ है।
मोहर्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मोहम्मद हकीम ने कहा कि यह महीना “अशहुरुल हुरूम” यानी चार पवित्र महीनों में शामिल है, जिसमें इबादत और अल्लाह की याद में डूब जाने की विशेषता है। उन्होंने बताया कि मोहर्रम की 9वीं, 10वीं या 10वीं और 11वीं तारीख को रोज़ा रखना पुण्य का काम माना जाता है।
उन्होंने आम लोगों से अपील की कि मोहर्रम के इस पवित्र अवसर को शांति और सौहार्द के साथ मनाएं तथा अपने किसी भी आचरण से किसी समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं।
निवेदक:
मोहम्मद हकीम
केंद्रीय महासचिव, खतियानी परिवार