नगर पंचायत पिपराइच के अंतर्गत विगत कई वर्षों से सैकड़ो किसानों के खेतों में जल भराव की समस्या से निजात दिलाने हेतु निर्माणाधीन नाला विवाद का पर्याय बन गया है। शुक्रवार सुबह एक किशोर के नाले में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया। जिससे नाराज वार्ड सभासद व ग्रामीणों ने घंटों चक्का जाम कर नगर पंचायत के विरुद्ध नारेबाजी की। एक सप्ताह में निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन देकर ईओ संजय कुमार सरोज तथा पुलिस प्रशासन द्वारा धरना स्थगित करवाया गया।
आपको बताते चले यह नाला निर्माण पिछले कुछ महीनो से विवाद में चल रहा है ।सभासद दीपक चौहान, ग्रामीण सुरेश,जय प्रकाश, हरिश्चंद्र, रमेश आदि ने बताया कि तीन माह में सिधावल चौराहे से बड़ागांव चौराहे के निकट तक केवल 400 मीटर नाले का निर्माण हुआ है, उसके बाद करीब 1 महीने से काम रुका हुआ है । चेयरमैन व ठेकेदार के बीच के विवाद का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतान पड़ रहा।
धरना में शामिल लोगों ने बताया कि निर्माणाधीन नाले में बरसात के पानी के अलावा शौचालयों आदि का गंदा पानी, सड़क पर बिखरी मिट्टी, फिसलन, ठहरे पानी से मच्छरों का आतंक आदि के साथ ही व्यापार पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है
सभासद दीपक चौहान ने कहा सड़क पर अतिक्रमण के बहाने काम रोका गया है। जबकि स्थानीय लोगों ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लिया है। 15 दिन पहले हुए बवाल के बाद नगर पंचायत की जेसीबी से कुछ खोदाई कर काम रोक दिया है। जिससे तीन वार्ड के साथ आवागमन करने वाले यात्रियों, व्यापारियों को काफी कीमत चुकानी पड़ रही है।
अधिशासी अधिकारी संजय सरोज व प्रधान लिपिक विनोद कुमार ने बताया कि संजय, दशरथ, बृजेश, मनोज, त्रियुगी नारायण सहित करीब दस से अधिक लोगों का नपं व सड़क के जमीन पर मकान बना कर अतिक्रमण किए है ।कई नोटिस के बाद भी मकान खाली नहीं हो रहा है। आज अंतिम चेतावनी नोटिस भेजा जा रहा है। एसडीएम सदर को यथास्थिति से अवगत करा कर फ़ोर्स के साथ शीघ्र ही अवैध कब्जा हटवाया जाएगा।
रिपोर्ट- सतीश तिवारी
गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)