विश्व की सुप्रसिद्ध शिव भक्तों की कठिन कांवड़ यात्रा अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।पंजाब,हरियाणा,हिमाचल प्रदेश वा चंडीगढ़ के पैदल कांवड़ यात्री जनपद को धन्य कर सहारनपुर जनपद के प्रशासन की पुख्ता और बेहतर इंतजामात से अभिभूत हो कर अपने गंत्वय की और रवाना हो चुके है।….कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में अब डाक कांवड़ का प्रवाह बढ़ने लगा है।मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार में हर की पौड़ी पर लाखों की संख्या में शिव भक्तों का हुजूम पवित्र पावन गंगा जी का जल भर कर डाक कांवड़ के रूप में अपने अपने गंतव्यों की तेजी से बढ़ने लगे है।…..इस कांवड यात्रा में एक विशेष तरह की परंपरा निभाई जाती है, जिसे डाक कांवड़ कहते हैं. यह कांवड यात्रा सामान्य कांवड़ से अलग होती है…कांवड़िये अक्सर कांवड़ को लेकर लंबी यात्राएं करते हैं और बीच-बीच में विश्राम भी करते हैं. लेकिन डाक कांवड़ में ऐसा नहीं किया जा सकता है, एक बार कांवड़ उठा लेने के बाद कांवड़िये को जलाभिषेक तक लगातार चलना पड़ता है. इसके अतिरिक्त कांवड़िये को एक निश्चित अवधि में निश्चित शिवालय में ही जलाभिषेक करना होता है
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़