नरेश सोनी – इंडियन टीवी न्यूज हजारीबाग ।
विनोबा भावे विश्वविद्यालय में मूक कार्यशाला का चौथा दिन: कुलपति ने ऑनलाइन शिक्षा पर जोर दिया
हजारीबाग : विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) में मूक (MOOC – Massive Open Online Courses) डिजाइन एवं डेवलपमेंट पर आयोजित छह दिवसीय कार्यशाला का आज चौथा दिन था। कुलपति प्रोफेसर चंद्र भूषण शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि विभावि को भारत में ऑनलाइन शिक्षा का अग्रणी केंद्र बनना चाहिए और इसके लिए आधुनिक पद्धतियों को आत्मसात करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यूजीसी के अंतर्गत आने वाले और दुनिया भर के विश्वविद्यालय अब ऑनलाइन शिक्षा की ओर बढ़ रहे हैं, और विभावि को भी इस दिशा में कदमताल करने की जरूरत है।
गोस्वामी तुलसीदास केंद्रीय पुस्तकालय भवन में चल रही इस कार्यशाला में कुलपति ने प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए गए पीपीटी और वीडियो देखे और कुछ दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पहले चरण में कम से कम दो सप्ताह का स्टडी मटेरियल तैयार किया जाना चाहिए। कुलपति ने वीडियो बनाते समय स्क्रीन पर अच्छा दिखने और उचित वेशभूषा में आने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यशाला में 19 अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ ‘मूक डिजाइन एवं डेवलपमेंट’ का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
कार्यशाला के कोऑर्डिनेटर डॉ. इंद्रजीत कुमार ने बताया कि मंगलवार को हैदराबाद विश्वविद्यालय के प्रो. मधुसूदन जे वी और इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रो. अजीत कुमार सी के द्वारा कार्यशाला का संचालन किया गया। उन्होंने बताया कि आज अध्ययन सामग्री तैयार करने और उससे संबंधित वीडियो, ऑडियो के साथ-साथ ई-टेक्स्ट तैयार करने पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। यह भी बताया गया कि सभी सामग्री सरल भाषा में होनी चाहिए और पूरी तरह से प्लेगियारिज्म मुक्त होनी चाहिए।
आज के दोनों विशेषज्ञों ने आठ अलग-अलग प्रकार के विमर्श की जानकारी दी। इसके अलावा, असेसमेंट के लिए क्विज के महत्व और विद्यार्थियों के साथ इंटरैक्टिव वीडियो बनाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।