नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो चीफ हजारीबाग।
हजारीबाग में विधिक परामर्श शिविर का आयोजन: अनुसंधानकर्ताओं को कानून की बारीकियों से कराया अवगत
हजारीबाग, 29 जुलाई: झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार, आज जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में सिविल कोर्ट परिसर में एक जिला स्तरीय हितधारक कानूनी परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार की देखरेख में आयोजित इस शिविर में अनुसंधानकर्ताओं और विभिन्न हितधारकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
शिविर का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार की अगुवाई में दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह, एएसपी, हजारीबाग बार संघ के अध्यक्ष राजकुमार, उपाध्यक्ष विजय कुमार सिंह और बार संघ सचिव सुमन कुमार सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौरव खुराना एवं निबंधक दिव्यम चौधरी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
निष्पक्ष जांच और पोक्सो मामलों पर विशेष जोर
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार ने अनुसंधानकर्ताओं व अन्य हितधारकों को विधिसम्मत और निष्पक्ष जांच व कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी मामले में अनुसंधानकर्ता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने सभी से पोक्सो (POCSO) मामले में पीड़िता के प्रति संवेदनशील रहने की बात कही। हजारीबाग बार संघ के अध्यक्ष राजकुमार और सचिव सुमन कुमार ने भी बार संघ की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
शिविर के दौरान अनुसंधानकर्ताओं ने जांच के दौरान आने वाली कठिनाइयों को भी साझा किया, जिनका उन्हें सटीक समाधान बताया गया। मंच का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौरव खुराना ने किया, जिन्होंने अनुसंधानकर्ताओं को कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं। उपस्थित अनुसंधानकर्ताओं ने इस पहल के लिए प्रधान जिला जज को धन्यवाद दिया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन का आग्रह किया।
कानून विशेषज्ञों ने दी अहम जानकारियां
प्रशिक्षण दाता के तौर पर विशेष न्यायाधीश पोक्सो आसिफ इकबाल, मोटरयान दावा दुर्घटना अधिनियम के पीठासीन पदाधिकारी आभास वर्मा, अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय, रांची के प्रशिक्षणदाता असित कुमार मोदी और अधिवक्ता नवनीश चंद्र प्रसाद मौजूद थे। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आसिफ इकबाल ने अनुसंधानकर्ताओं को पोक्सो एक्ट के तहत पीड़िता का बयान, उसका मेडिकल टेस्ट और चार्जशीट जमा करने की प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से बताया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम आभास वर्मा ने मोटर यान दुर्घटना से संबंधित नए कानूनों और उनसे जुड़ी समय-सीमा के बारे में जानकारी दी, और सभी को समय पर डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट जमा करने की नसीहत दी। असित कुमार मोदी ने भी पोक्सो और एमएसीटी (MACT) से संबंधित कुछ कानूनी प्रक्रियाओं से सभी को अवगत कराया।
अधिवक्ता नवनीश चंद्र प्रसाद ने महिलाओं से जुड़े कई कानूनों के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में डालसा सचिव गौरव खुराना ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।