सोनभद्र।
सोनभद्र जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे जनकल्याणकारी कार्यों में सीएसआर की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सीएसआर मद से चलने वाली सभी परियोजनाओं की पूर्व सूचना जिला प्रशासन को अनिवार्य रूप से दी जाए और प्रशासनिक अनुमति के बिना कोई काम आरंभ न किया जाए। यह कदम परियोजनाओं की पारदर्शिता, समन्वय और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
बैठक में यह भी कहा गया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में पीएचसी सुदृढ़ीकरण, मोबाइल मेडिकल कैंप और जनस्वास्थ्य जागरूकता को प्राथमिकता दी जाएगी।शिक्षा के तहत छात्रवृत्ति, स्किलिंग कोर्स और स्कूलों के बुनियादी ढांचे पर काम किया जाएगा। युवा सशक्तिकरण के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण में वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक परियोजना के लाभार्थी, लक्ष्य, बजट और कार्यान्वयन अवधि का लिखित ब्यौरा प्रशासन को सौंपना अनिवार्य होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सीएसआर परियोजनाओं के मॉनिटरिंग और मूल्यांकन के लिए समन्वय तंत्र बनाएँ ताकि संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।
बैठक में उपस्थित कंपनियों के प्रतिनिधियों ने संभावित परियोजनाओं के प्रारम्भिक सुझाव दिए; कुछ ने स्वास्थ्य शिविर, कौशल प्रशिक्षण और डिजिटल शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने के प्रस्ताव रखे। जिलाधिकारी ने उनसे कहा कि योजनाएँ लिखित में जमा कराएँ ताकि आवश्यक अनुमति और समन्वय शीघ्रता से दिया जा सके। बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी व उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे।