खबर जनपद एटा से
दो अंकित शर्मा ने दी तहरीर पुलिस का जांच जांच का खेल जारी
ड्यूटी पर लापरवाह डॉक्टरों की पोल खोलना पड़ा भारी महिला डॉक्टर अंकित शर्मा को जान से मारने की धमकी सैलरी रोककर किया जा रहा मानसिक उत्पीड़न
एटा
वीरांगना अवंती बाई लोधी मेडिकल कॉलेज एक बार फिर विवादों के घेरे में है
डॉक्टर अंकित शर्मा ने कोतवाली नगर में तहरीर दी जहां जांच जांच का खेल पुलिस खेल रही है महिला डॉक्टर को अमर यादव शब्दावली मर्यादा तार तार कर देने वाली घटनाओं को पुलिस दबा कर बैठ गई तो आम जनता जनार्दन की कौन सुनता होगा पुलिस को 24 घंटे से ज्यादा हो गया महिला डॉक्टर की फिर अब मर्यादित शब्दावली की दर्ज करने में हाल वाले कानून के रखवाले कभी सोचा न था अवैध कृति अब मर्द आदित्य आचरण करने वाले निरंकुश में लगाम लोगों को पुलिस का डंडा मिलने की जगह संरक्षण प्रदान हो जाएगा
यार डॉक्टर की ड्यूटी में लापरवाही और अनियमित उपस्थिति की शिकायत करने वाली महिला डॉक्टर अंकित शर्मा को न केवल धमकियां मिल रही है बलिक उनकी सैलरी तक रोक दी गई है और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है
दो अंकित शर्मा ने कुछ सप्ताह पूर्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पूर्व ट्विटर पर स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक को ट्रैक करते हुए शिकायत की थी कि कॉलेज के बहुत से डॉक्टर और विभाग अध्यक्ष HOD हफ्ते में केवल 2 दिन ही ड्यूटी पर आते हैं इस कुलसी के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय मामले की जांच शुरू कराई
इसी जांच के सिलसिले में आयोजित हुई कमेटी की मीटिंग के दौरान हेड ऑफ डिपार्टमेंट प्रोफेसर अरशद जमाल डॉक्टर अंकित के साथ अत्यंत अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी तक दी
दो अंकित शर्मा ने आरोप लगाया की मीटिंग में वह रिकॉर्डिंग की अनुमति और सूचनाओं का लिखित आदान-प्रदान चाह रही थी तक पर दर्शांता बनी रहे लेकिन इस पर प्रोफेसर जमाल भड़क उठे और उन्होंने महिला डॉक्टर की मर्यादा को तार-तार करते हुए गाली गलौज की तथा दफ्तर से बाहर निकाल दिया
दो अंकित शर्मा ने इस पूरे मामले की शिकायत थाना कोतवाली देहात में भी दर्ज कराई है जिसमें उन्होंने जान से मारने की धमकी महिला सम्मान का उल्लंघन और मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया है
मुख्य आरोप:
ड्यूटी में लापरवाही की शिकायत करने पर सैलरी जो की गई
प्रोफेसर अरशद जमाल द्वारा मीटिंग में गाली गलौज ब धमकी
मानसिक उत्पीड़न का सिलसिला
HOD व डॉक्टर सप्ताह में एक-दो दिन ही आते हैं जांच टीम में शामिल लोग भी नियमित नहीं
यह मामला अब महिला अधिकार सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को निष्क्रियता और बदले की मानसिकता से किया जा रहे उत्पीड़न का गंभीर उदाहरण बन चुका है
जनता और कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करें और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो
रिपोर्ट:विजय कुमार इंडियन टीवी न्यूज एटा