पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग वर्षों से अधिवक्ताओं और आम जनता द्वारा की जा रही है
सहारनपुर के अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर इस मांग को फिर से उठाया है। उनका कहना है कि पिछले 50 वर्षों से आंदोलन के बावजूद सरकार ने इस मांग पर ध्यान नहीं दिया है पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों की जनसंख्या 7 करोड़ से अधिक है, लेकिन उन्हें हाईकोर्ट बेंच की सुविधा नहीं मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में लगभग 12 लाख मामले लंबित हैं, जिनमें से 40% से अधिक मामले पश्चिम उत्तर प्रदेश से हैं वादकारियों को 500 से 850 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे और हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग करेंगे। यदि मांग नहीं मानी गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन मेघवाल ने आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है। अब देखना यह है कि सरकार अधिवक्ताओं की मांग पर क्या कार्रवाई करती हैं
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़