ब्यूरो चीफ सुंदरलाल जिला सोलन,
ऐतिहासिक पर्यटन स्थल कसौली के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में अवैज्ञानिक तरीके से हो भवन व सड़कों के निर्माण कार्य आने वाले समय में बढ़ी त्रासदी को जन्म दे सकती हैं । यही नहीं बल्कि यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को भी दिन प्रतिदिन ग्रहण सा लगता नजर आने लगा है पर्यटन के नाम पर बाहरी लोगों ने कसौली के आसपास ग्रामीण लोगों से भूमि खरीद कर बड़े बड़े अलिसान होटल इकाइयां बनाने में लगे हुए हैं । धन बल और राजनीतिक पकड़ के चलते सभी नियम कायदे कानून को ताक पर रख कर निर्माण कार्य जारी कर रखें हैं । यदि यह निर्माण कार्य की रुप्तार इसी तरह चलती रही तो वह दिन दूर नहीं होगा जब किसी प्राकृतिक आपदा जैसे बादल फटने जैसी संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है। परमिशन के नाम पर हजारों पेड़ों की बलि चढ़ चुकी है और चढ़ती रहेगी जिससे यहां के शांत वो स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखना अब बहुत ही मुश्किल नजर दे रहा है। प्रदेश में मंडी , कुल्लू, जिले में जो अप्रिय घटनाएं हुई उसके हर एक इंसान को जीझोहर कर रख दिया है । यदि समय रहते अब भी कसौली ओर उसके आसपास के क्षेत्रों पर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में यहां के तापमान में बेहतासा बढ़ोतरी होगी बल्कि पेयजल संकट भी अपनी विकराल रूप धारण कर चुका होगा । कसौली के पर्यावरण प्रेमी डाक्टर अरुण का कहना है कि इस विकास कार्यों नाम की दौड़ को विराम देने में प्रदेश उच्च न्यायालय के नेतृत्व में उचित कमेटी बनाई जानी चाहिए और उच्च न्यायालय को स्वयं हस्तक्षेप के संज्ञान ले लेना चाहिए। तभी कुछ किया जा सकता है।