✍राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
गणेश-दुर्गा उत्सव हेतु मूर्ति निर्माण एवं विसर्जन पर कार्यशाला आयोजित, मूर्तियों के लिए मिट्टी के उपयोग पर दिया गया जोर
कटनी – गणेश और दुर्गा उत्सव के दौरान मूर्ति निर्माण और विसर्जन को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशा-निर्देशों के पालन हेतु बुधवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कलेक्टर दिलीप कुमार यादव के निर्देश पर आयोजित कार्यशाला में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सुधांशु तिवारी ने एनजीटी और सीपीसीबी के निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्लास्टर ऑफ पेरिस (पी.ओ.पी.) और खतरनाक रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियों का निर्माण और विसर्जन पूरी तरह प्रतिबंधित है। सजावट और प्रसाद वितरण में सिंगल-यूज प्लास्टिक और थर्माकोल का उपयोग नहीं किया जाय। विसर्जन स्थल पर कचरा जलाना या फेंकना प्रतिबंधित है। वहीं मिट्टी, गोबर और प्राकृतिक बायोडिग्रेडेबल सामग्रियों से बनी मूर्तियों को बढ़ावा देने की सलाह दी। इसके अलावा, मूर्तियों का आकार छोटा रखने और नदी-तालाबों में विसर्जन न करने की भी सलाह दी।
कार्यशाला में मौजूद मुख्य अतिथि प्राचार्य शासकीय कन्या महाविद्यालय डॉ. चित्रा प्रभात और विशिष्ट अतिथि ज्योति सिंह महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, और एस.के. खपरिया ने भी पर्यावरण अनुकूल मूर्तियों के निर्माण पर जोर दिया। इस दौरान, आर.एस. मेमोरियल के छात्रों द्वारा बनाई गई मिट्टी की गणेश मूर्तियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिनकी सभी ने सराहना की। इन बच्चों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार भी दिए गए। मूर्तिकारों ने भी भरोसा दिलाया कि वे अब मूर्ति निर्माण में मिट्टी और प्राकृतिक रंगों का ही उपयोग कर रहे हैं।
इस दौरान शहर के गणमान्य नागरिक, नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, स्थानीय संस्थाओं के प्रतिनिधि, शैक्षणिक संस्थान आर.एस. मेमोरियल के छात्र-छात्रायें, ओम सांई विजन एन.जी.ओ.ग्रुप के कार्यकर्ता, स्वच्छता ब्रांड एम्बेस्डर आशुतोष मनके, गणेश उत्सव एवं दुर्गा उत्सव समितियों के प्रतिनिध, मूर्तिकार, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, कार्यालय के समस्त अधिकारी कर्मचारी, क्षेत्रीय अधिकारी आर.पी. शुक्ला, रसायनज्ञ प्रतीक ज्योतिषी, कान्ट्रैक्ट इंजीनियर, गणेश प्रसाद पाठक, सुधीर कुमार द्विवेदी, भाग्यश्री सुहाने, जे पी शुक्ला उपस्थित रहे।