इंडियन टीवी न्यूज़ ब्यूरो चीफ भोपाल मध्य प्रदेश प्रवीण कुमार दुबे l
भगवान महाकाल का भांग का श्रृंगार गिरा, VIDEO:उज्जैन में मंदिर के पुजारी को नोटिस; तय मात्रा से ज्यादा भांग इस्तेमाल करने का आरोप
उज्जैन
भगवान महाकाल का भांग का श्रृंगार अचानक टूटकर बिखर गया।
उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का भांग का श्रृंगार अचानक टूटकर बिखर गया। वहां मौजूद पंडे, पुजारियों ने तत्काल उसे ठीक किया।
मामला 18 अगस्त का है। इस दिन भगवान महाकाल की राजसी सवारी निकाली जा रही थी। रामघाट पर शिप्रा के जल से पूजन के बाद सवारी लौट रही थी। मंदिर में इसके आगमन की तैयारी चल रही थी।
घटना का वीडियो भी सामने आया है। जिसके बाद मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने श्रृंगार करने वाले पुजारी प्रदीप गुरु को नोटिस दिया है। इसमें उनसे दो दिन में जवाब तलब किया है। पुजारी पर तय मात्रा से ज्यादा भांग का उपयोग करने का आरोप है।
3 किलो भांग की मात्रा तय बता दें कि मंदिर में हर रोज भस्म आरती, संध्या आरती और शयन आरती के दौरान भगवान महाकाल का भांग से श्रृंगार किया जाता है। इसमें लगभग 3 किलो भांग भगवान को अर्पित की जाती है। ये श्रृंगार पर्व के अनुसार किया जाता है।
देखिए दो तस्वीरें
भगवान महाकाल का से श्रृंगार किया था। यह टूटकर बिखर गया।
वहां मौजूद पंडे-पुजारियों ने यह देखकर फिर से इसे ठीक किया।
पुजारी बोले- नमी के कारण भांग गिरी श्रृंगार करने वाले पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया कि बारिश के कारण गर्भगृह में नमी हो रही थी। शिवलिंग पर पंचामृत के कारण नमी थी। जिसके चलते भांग शिवलिंग पर टिकी नहीं और चिकनाई होने के कारण गिर गई। हमने मंदिर समिति द्वारा तय मात्रा में ही भांग लगाई थी। ये तो प्राकृतिक है, नोटिस मिला है उसका जवाब एक दो दिन में देंगे।
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन अनुसार ही श्रृंगार पुजारी गुरु ने कहा ये एक सामान्य और प्राकृतिक व्यवस्था है। मंदिर में गर्भ गृह में भगवान का श्रृंगार शिवलिंग क्षरण को रोकने के लिए जारी की गई सुप्रीम कोर्ट द्वारा गाइड लाइन के अनुसार ही किया जाता है। श्रृंगार में उपयोग की जाने वाली सामग्री में भांग, चंदन, मेवे व अन्य की शुद्धता की जांच के बाद ही उसे मंदिर में भगवान को अर्पित किया जाता है।
भांग के श्रृंगार के पीछे ये है मान्यता मान्यता है कि भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए औषधि युक्त भांग से श्रृंगार भी किया जाता है। लड्डू का भोग भी भगवान को लगाया जाता है। भगवान ने जब समुद्र मंथन से निकले अमृत कलश के बाद विष पिया, तब भी भगवान को भांग औषधि रूप में देकर शीतलता प्रदान की गई थी।