गलतियों का बोध कराती क्षमावाणी पर्व को वर्ष में एक नहीं कई बार मनाना जरुरी-वीसी विमला वाय
क्षमावाणी पर्व केवल जैन धर्म का नहीं विश्व स्तर पर मनाना जरुरी- राजीव गुम्बर
वर्तमान परिदृश्य में क्षमावाणी पर्व का विश्वस्तर पर आत्मसात आवश्यक-डा अजय सिंह
क्षमावाणी पर्व शांति और मानवता का पर्व-महेन्द्र तनेजा
क्षमा शब्दो से नहीं ह्रदय के अशुभ भावों का विसर्जन, आत्मकल्याण का मार्ग-राजेश जैन
सहारनपुर
जैन बाग स्थित प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण महापर्व की आराधना के सम्पन्न होने के उपरांत क्षमावाणी महापर्व पर अनेक राजनैतिक दलो के वर्तमान और पूर्व विधायकों,मेयर, शीर्ष राजनीतिज्ञो,पार्षदगणो और समाज के सभी वर्गों के श्रेष्ठीगणो स्त्री पुरुषो युवा वृद्ध बालक बालिकाओ के विशाल जनसमुदाय को उपदेश देते हुए परम पूज्य आचार्य प्रवर श्री विमर्शसागर जी महाराज ने बताया कि क्षमावाणी केवल जैन समाज के अनुयायियो तक सीमित नहीं है, यह मानव मात्र का पर्व है,विश्व शांति के लिए इस पर्व को “विश्व मैत्री दिवस” के रूप में मनाना श्रेयस्कर होगा,अगर परिवार समाज राष्ट्र में हम मान अहंकार ईर्षा राग द्वेष को त्याग कर किसी के द्वारा जाने अनजाने में हुई गलती के लिए समर्थ और सक्षम होने पर भी उसको क्षमा कर देते हैं तो हम अपने आप को उस अनावश्यक प्रतिशोध और प्रतिकार के बोझ से मुक्त कर अपनी आत्मा पर उपकार करते हैं। क्रोध करने से सर्वाधिक अहित स्वयं का होता है,मानव असाध्य रोगों से पीड़ित होकर दुखों का वेदन करता है और और अगले जन्म में भी प्रतिशोध वैमनस्य के परिणामों से मरण को प्राप्त कर नरक और पशु गति के अवर्णनीय दुखों को भोगता है, इन दुखों से मुक्ति प्राप्त करने के लिए और अपने आत्मकल्याण करने के लिए हमें क्षमा के दिव्य गुण को आत्मसात करना होगा।
क्षमावाणी के महापर्व पर शाकुंभरी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर प्रोफेसर वाई विमला ने अपने संबोधन में कहा क्षमावाणी पर्व वर्ष में एक दिन नहीं अपितु समय-समय पर मनाते रहना चाहिए, यह मनुष्य में अपनी गलतियों का बोध कराता है और क्षमा के अद्भुत गुण को विकसित करता है, विश्व शांति के लिए यह जैन समाज का अनुपम उपहार है।
नगर विधायक राजीव गुम्बर ने कहा जैन बाग के अतिशयकारी मंदिर में आकर उन्हें एक अद्भुत ऊर्जा शांति की अनुभूति होती है, साक्षात भगवान स्वरूप आचार्यश्री के दर्शन कर वे अपने आप को भाग्यशाली और धन्य मानते हैं,वे भगवान महावीर स्वामी के पवित्र पावन मंदिर और अन्य धार्मिक कार्यो के लिए समर्पित हैं और समाज के निर्देशानुसार विधायक निधि का उपयोग कर स्वंय को धन्य करेंगे।
मेयर डा.अजय सिंह ने कहा श्री मंदिर जी में महावीर प्रभु और आचार्य श्री ससंघ के दर्शन करके वे भी अद्भुत शक्ति ऊर्जा की अनुभूति कर रहे हैं, उन्होंने मंदिर परिसर में पर्याप्त विद्युत व्यवस्था और स्थाई पंडाल निर्माण करने की घोषणा करते हुए कहा आचार्यश्री के कर कमलो मे पवित्र शास्त्र भेंट कर वे गौरवान्वित हो गये है।
जैन समाज के अध्यक्ष राजेश कुमार जैैन ने सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत अभिनंदन करते हुए कहा क्षमा जीवन का अमूल्य आभूषण है,यह मात्र शब्दो से नहीं अपितु ह्रदय से भीतर जमे अशुभ भावों के विसर्जन से होती है,किसी के प्रति बैर द्वेष न रखे, व्यवहार में यदि किसी जीव से मतभेद मनभेद और कषाय उत्पन्न हो गयी हो, यह आत्मा पर बोझ बन जाता है और अनेक जन्मो में उसका पाप भोगना पड़ता है, इसको शीघ्रातिशीघ्र विभार करना आवश्यक ,यदि वास्तव में क्षमा गुण को आत्म सात करना है तो हमें अपने अहंकार,अभिमान, स्वार्थ और क्रोध को छोड़कर आत्मा से क्षमा करनी होगी औऱ आत्मा से क्षमा मांगनी होगी,अनजाने में भी कभी न कभी हमारे शब्द कृत्य और चेष्टा से किसी का दिल जरूर दुख जाता है,आत्मशुद्धि का मार्ग क्षमावाणी हमें द्वेष, बैर और शत्रुता से मुक्त करके आत्म शुद्धि की ओर ले जाता है,यह समाज में मैत्री, प्रेम और भाईचारा बढ़ाता है। क्षमा मांगना और क्षमा देना वीरों का आभूषण है। क्षमावाणी पर्व केवल एक धार्मिक शिष्टाचार नहीं है,अपितु स्वयं के आत्म कल्याण का मार्ग है। अध्यक्ष राजेश जैन ने मेयर डॉ. अजय सिंह और नगर विधायक राजीव कुमार का मंदिर परिसर में स्थाई पंडाल और विद्युतीकरण के लिए आभार व्यक्त किया, आचार्य श्री विमर्शसागर जी महाराज के गुरु आचार्य परम पूज्य श्री विराग सागर जी की चरण छत्री के निर्माण की अध्यक्ष राजेश कुमार जैन ने घोषणा की,जो समाज के प्रमुख दान वीर परिवार विपिन जैन (चांदी वाले) के अर्थ सहयोग से निर्मित की जायेगी।
भाजपा महानगर अध्यक्ष शीतल बिश्नोई ने क्षमावाणी पर्व को राष्ट्रीय स्तर पर विश्व मैत्री दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया, और कहां यह पर्व जैन समाज की मानवता को अद्भुत और अनुपम देन है।पूर्व विधायक सुरेंद्र कपिल और वीरेंद्र ठाकुर ने भी बढ़ती हुई हिंसा,अनाचार, वैमनस्य प्रतिशोध की भावना के निर्मूलन के लिए क्षमा वाणी जैसे पवित्र पावन पर्व को निरंतर मनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए समाज को क्षमा से प्राप्त होने वाले लाभ के विषय मे अपने अनुभव साझा किये।
सरदार दलजीत कोचर ने बताया कि जैन समाज के राजा टोडरमल ने विश्व का सबसे बड़ा दान देकर सिख और जैन समाज के पारस्परिक सौहार्द और अनुपम संम्बधो का विश्व में एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है, उन्होंने कहा यदि हम हृदय से क्षमा मांगते हैं तो देश में इतनी शांति व्याप्त होगी कि पुलिस व्यवस्था की भी आवश्यकता नहीं होगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्र तनेजा ने भी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षमा वाणी पर्व केवल जैन समाज तक ही सीमित नहीं है अपितु यह मानवता का पर्व है,इस पर्व को हृदय से ग्रहण कर समस्त प्रकार के बुराईयो और हिंसा का त्याग सहज संभव है,आवश्यकता है कि क्षमा वाणी के पर्व को मात्र औपचारिकता से नहीं सच्चाई के साथ आत्मा की गहराईयों से धारण किया जाये।
धर्म सभा मे भाजपा महानगर अध्यक्ष हेमंत अरोड़ा,रवि गुप्ता, दिनेश बल्ली, गुरप्रीत सिंह बग्गा, पार्षद, दिग्विजय चौहान, मयंक गर्ग, मुकेश गकङ,सजय गर्ग,नितिन सिंघल,सुनील पंवार,वीर सैन सिद्धू,सौपीनपाल,गौरव जैन-अनुज जैन नीरज शर्मा, पूर्व पार्षद मानसिंह-मनोज जैन और अन्य समाज के अनेक प्रतिष्ठित समाज सेवी भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक और महानगर भाजपा पूर्व अध्यक्ष राकेश जैन ने राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं,वर्तमान और पूर्व विधायकों, मेयर, पार्षदगणो का स्वागत अभिनंदन करते हुए कहा की सभी समाज और धर्मो के श्रेष्ठीगण आज एक मंच पर एकत्रित होकर क्षमावाणी धर्म की सार्वभौमिकता को स्वीकार कर अद्भुत प्रभावना कर रहे हैं, यह मात्र जैन समाज के लिए नहीं अभी तो मानव समाज के लिए गौरव का विषय है, वास्तव में क्षमा मानव मात्र के हित में है और सभी को सभी से क्षमा मांग कर और क्षमा करके अपनी शक्ति ऊर्जा अपने स्वयं के, परिवार के,समाज के और राष्ट्र के उत्तरोत्तर विकास की ओर लगानी चाहिए।
सीए अनिल जैन ने कहा क्षमावाणी पर्व आत्मा को शुद्ध और परिष्कृत करने और मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होने का सोपान है,भगवान पार्श्वनाथ कमठ के जीव को दस भवो तक क्षमा करके उत्कृष्टम क्षमा का उदाहरण प्रस्तुत कर,जगत पूज्य बन गये, यह बैर,बैर न मिटाता है बल्कि भवसागर भटकाता है,जिन्हें संसार रूपी की यात्रा को सीमित करना है,उन्हें उत्तम क्षमा धर्म को अंगीकार कर मनुष्य जन्म को सार्थक और धन्य करना होगा।
धर्म सभा का संचालन महामंत्री सजीव जैन और अतिथियो का स्वागत उपाध्यक्ष विपिन जैन ने किया,सभा में चौ.अनुज जैन,संदीप जैन,राजीव जैन सर्राफ,अनिल जैन मंटू वरिष्ठ पत्रकार नीना जैन,सुभाष जैन-देव जैन, वैभव जैन, अजय जैन नितिन जैन आयुष जैन राजा विपिन जैन विभोर जैन विनय जैन बिन्नी नीरज जैन संजय जैन मुकेश जैन,दीपक जैन,आचमन जैन, प्रदीप जैन प्रवीन जैन डॉ. रेणु जैन,शोभा जैन, मनीषा जैन,सरिता जैन,अनिता जैन, गीता जैन,शिप्रा जैन सहित सैकड़ो श्रावक श्राविकाए उपस्थित रहे।
राजा जैन मीडिया प्रभारी
श्री दिगम्बर जैन पंचान समिति रजि०
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़