महाराजगंज, 19 सितंबर 2025
जिले की आशा कार्यकत्रियों ने एक बार फिर अपने अधिकारों की मांग को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की। शुक्रवार को आशा कार्यकत्री एसोसिएशन महाराजगंज की जिला अध्यक्ष श्रीमती जमीरूंन निशा और संरक्षक रामसवारे यादव के नेतृत्व में जिला मुख्यालय स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान आशा कार्यकत्रियों ने अपनी लंबित मांगों और बकाया प्रोत्साहन राशि को लेकर माननीय मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
आशा संघ की जिला अध्यक्ष जमीरूंन निशा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2006 में आशा कार्यकत्रियों की नियुक्ति हुई थी और तब से लेकर आज तक उन्हें वही प्रोत्साहन राशि मिल रही है, जबकि महंगाई चरम पर है और अन्य कर्मचारियों की वेतन में समय-समय पर वृद्धि होती रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आशा और संगिनी बहनों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और उन्हें न्यूनतम मजदूरी के आधार पर निश्चित मानदेय प्रदान किया जाए।
संरक्षक रामसवारे यादव ने कहा कि आशा कार्यकत्री स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की हड्डी हैं, लेकिन उनके कार्य के बदले उन्हें जो धनराशि मिलती है, वह अत्यंत न्यून है। संगठन के अन्य वक्ताओं ने बताया कि आशा बहनें गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण से लेकर नवजात शिशु की देखभाल और टीकाकरण जैसे अहम कार्यों को जिम्मेदारी से निभा रही हैं, फिर भी उन्हें उचित श्रेय और मानदेय नहीं मिल रहा।
प्रदर्शन में शामिल पूजा नामक आशा कार्यकत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों का श्रेय आंगनवाड़ी को दिया जा रहा है, जो निंदनीय है। वहीं, कालिंदी ने कहा कि ₹1500 प्रतिमाह जो मिलता है, वह भी समय पर नहीं आता।
प्रमुख मांगे इस प्रकार रहीं:
*आशा/संगिनी को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए
*निश्चित मानदेय और न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित की जाए
*प्रत्येक आशा परिवार को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया जाए
*दुर्घटना बीमा की राशि ₹10 लाख की जाए और बीमा प्रमाण पत्र दिया जाए
*सेवा के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित को नौकरी दी जाए
*आभा कार्ड बनाने के कार्य की राशि भुगतान की जाए
*प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का फार्म भरने का कार्य पुनः आशा को सौंपा जाए
आशा संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वे स्वास्थ्य विभाग के समस्त कार्यों का बहिष्कार कर भूख हड़ताल और आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगी।
इस मौके पर बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्रियाँ और संगिनी बहनें मौजूद रहीं जिनमें हिना पासवान, उत्तम देवी, सुनीता गुप्ता, आरती देवी, रीता तिवारी, गीताबाई, पूनम श्रीवास्तव, रीमा यादव, संजू, प्रतिभा, नीतू, अंजू, कुसुम, कालिंदी, माधुरी देवी आदि प्रमुख रूप से शामिल थीं।
रवि प्रताप सिंह (ब्यूरो चीफ महराजगंज)