बदायूं। जिस पारिवारिक विवाद में कड़ी कार्रवाई के लिए अर्पित विषाक्त खाकर एसएसपी से मिलने पहुंच गया, वही अब उसके गले की फांस बन गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ ही सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल तो अभी सैफई मेडिकल कॉलेज में उसका इलाज चल रहा है, लेकिन सेहत में सुधार होने पर उसे जेल की हवा खानी पड़ सकती है। वहीं मूसाझाग पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान उठ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अर्पित पूर्व में भी आत्महत्या का प्रयास कर चुका है। उसके खिलाफ पहले से चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
थाना मूसाझाग क्षेत्र के गुलड़िया वार्ड नंबर 10 निवासी अर्पित उर्फ भोला पुत्र बाबू सिंह ने बुधवार को एसएसपी कार्यालय के सामने विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्काल उसे जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।फिलहाल, उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, अर्पित और उसके परिवार की गांव के ही रामभरोसे लाल परिवार से पुरानी रंजिश चली आ रही है। इसी विवाद में दोनों पक्षों के बीच कई मुकदमे दर्ज हैं। इसी मामले में बीती 19 अगस्त को भी दोनों परिवारों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाना मूसाझाग थाने में मुकदमे दर्ज कराए थे। इसके बाद 23 सितंबर मंगलवार को फिर कहासुनी और विवाद के बाद अर्पित ने यह कदम उठा लिया। अब अर्पित का यह कदम उसके व परिवार के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
डीएम कार्यालय में भी कीटनाशक पीकर पहुंच चुका है एक फरियादी
उघैती थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले युवक जितेश गुप्ता के खिलाफ दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मुकदमे की कार्रवाई व जेल जाने से बचने के लिए उसने बीते 15 सितंबर को डीएम कार्यालय के बाहर कीटनाशक पी लिया और शिकायती पत्र देने पहुंच गया था। इस मामले में उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराके इलाज कराया गया। सिविल लाइंस पुलिस ने एक और मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था।
इंडियन टीवी न्यूज
जिला रिपोर्टर बदायूं
दीपेन्द्र राजपूत