एकीकृत माध्यमिक शाला फोगरिया मे एक वर्ष से अधूरा है बलिका शौचालय का निर्माणकार्य-
पत्रकार राजेंद्र प्रसाद यादव
चिचोली:- जन शिक्षा केंद्र चिचोली के स्कूलों मे स्कूली बच्चो को शौच के लिए खुले मे जाना पड़ रहा है! या फिर खडंहर भवनो मे टायलेट जाना पड़ रहा है ! इसके पीछे की वजह स्कूलो मे खंडहर हो चुके शौचालय और स्वीकृति के बाद भी अधूरे पड़े शौचालय है! लेकिन इन सब समस्यो के निराकरण के लिए जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजो पर स्कूलो का सफल क्रियाव्यन बता रहे है! जबकि हालात इससे उलट है! स्कूली बच्चों ने वर्तमान समय मे खंडहर में तब्दील हो चुके स्कूलों को ही शौचालय बनाकर रखा है! यह हालत चिचोली जन शिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाले आधा दर्जन से अधिक स्कूलों का है! कुछ स्कूलों मे भ्रष्टाचार के चलते यह हालत बने हुई है! मार्च के महीने मे बजट को खपाने के लिए कागजों पर बालिका शौचालय का कार्य पूर्ण दर्शा कर राशि का आहरण कर लिया गया! और अब हालात यह है कि, बालिका शौचालय आधे अधूरे नजर आ रहे हैं!ताजा मामला चिचोली जन शिक्षा केंद्र के तहत आने वाले एकीकृत माध्यमिक शाला फोगरीया का है! यहां ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 1 वर्ष से बालिका शौचालय का कार्य अधूरा है!
कई मर्तबा स्कूल के प्रधान पाठक को भी काम चालू करवाने के लिए कहा गया ।लेकिन अभी भी हालत जस के तस बने हुए ! ठेकेदार ने निम्न स्तर के मटेरियल से मात्र एक कमरा तैयार कर दिया है ! इस कमरे मे वर्तमान समय मे ताला लगा हुआ है ! स्कूली बच्चे शौच के लिए इधर उधर जाते है 266000रू आवंटन हुआ लेकिन शौचालय निर्माण कार्य नहीं हुआ प्रधानमंत्री आवास के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 120000 रुपए शासन के द्वारा दी जाती है तो उसमें ग्रामीण मकान बनाकर तैयार कर लेते हैं लेकिन शिक्षा विभाग में ढाई लाख से ऊपर बजट आने के बाद भी एक शौचालय का निर्माण नहीं होना स्कूलों में शौचालय के नाम पर भ्रष्टाचार की स्थिति पैदा उत्पन्न होती है
इस मामले को लेकर डीपीसी भूपेन्द्र वड़कड़े का कहना है ! उनके संज्ञान मे मामला आया है! वह इस मामले की जांच करवायेगे!