गोंदिया: नगर परिषद आमगांव मुद्देपर तीन महीने पहले
विधायक संजय पुराम ने बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर घोषणा की थी कि हक की लड़ाई में जीत मिली है, आमगांव नगर परिषद में विलय किए गए 7 गाँवों को पुनः ग्राम पंचायत का दर्जा दिलाया गया है।”लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी ना तो ग्राम पंचायत बहाल हुई, ना नगर परिषद की अस्पष्टता दूर हुई।सरकार ने अगर निर्णय लिया है तो अमल क्यों नहीं हुआ?और अगर निर्णय पर अमल नहीं हुआ, तो विधायक ने जनता को गुमराह क्यों किया?जनता अब सवाल पूछ रही है —क्या ये “अधिकारों की लड़ाई में जीत” केवल पोस्टर की जीत थी या जनता के विश्वास की हार ? जनता ने भरोसा दिखाया, लेकिन अब तीन महीने बाद भी नतीजा शून्य है।अब जनता जानना चाहती है —क्या सरकार ने आदेश जारी किया या सिर्फ घोषणा तक सीमित रही?अगर आदेश जारी हुआ तो क्रियान्वयन क्यों नहीं हुआ?और अगर आदेश नहीं हुआ तो विधायक ने झूठा श्रेय क्यों लिया?जनता जवाब चाहती है, जश्न नहीं।
संवाददाता
तामेश्वर पंधरे
जिला ब्यूरो चीफ गोंदिया