जातीय भेद भाव,जातीय भावना मेरे अन्दर पैदा करने का काम ये राजनेता करते हैं
सूरज प्रसाद चौबे
सोनभद्र समाचार ब्यूरोचीफ नन्दगोपाल पाण्डेय
किसी जाती के अन्दर कोई क्षमता कम हो है किसी जाती के अन्दर ताग़त कम नहीं है,किसी जाती में बुद्धि कम नहीं लेकिन जाती के नाम आरक्षण देकर ,जाती के नाम पर सुविधा देकर और व्यवस्था दे कर जातीय भेद भाव जातीय भावना मेरे अन्दर ये राजनेता कर रहे हैं इसी विषमता के कारण आज समाज में सामाजिक असमानता हो गई है,बिहार का चुनाव साबित कर दिया है कि अंबेडकर के नाम पर वोट की राजनीत करने वाले भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण की आजाद पार्टी की हर सीट पर जवानत जब्त हो गई,वही अशलील गानों को भी समाज ने नकारा खेसारी लाल यादव की बुरी तरह से हार हुई ,सनातन धर्म अपने समाज के लिए समर्पित बहन मैथिली ठाकुर की जीत हुई है, राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे उक्त विचार उनसे मिलने आए सवर्ण समाज के लोगों से कही साथ ही कहा कि संविधान निर्माता सर वी एन राऊ की जयंती 30 नवम्बर को है सभी लोग उस दिन जयंती मनाए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने जोर देकर कहा कि सवर्ण समाज आज हर तरह से पिछले पावदान पर है अपनी पहचान खो रहा है सामाजिक राजनीतिक स्तर पर स्थापित करने की आवश्यकता है खोई हुई प्रतिष्ठा को पुनः प्राप्त करने के लिए संगठित होना जरूरी है जब हम संगठित होगे तभी दल के लोग समाज को महत्व देना शुरू कर देगे समाज के लोग विभिन्न दलों में बाटे हुए हैं जिसका फायदा राज नेता उठा रहे हैं, सवर्ण युवा भ्रमित हो वह सोच नहीं पा रहा है कि भविष्य के लिए क्या करे आरक्षण प्रतिभा योग्यता का हत्या कर रहा है एससीएसटी एक्ट के कारण सवर्ण पिछड़ा प्रताड़ित हो रहा है इसका दुरुपयोग हो रहा है,इसे धन उगाही का माध्यम बना दिया गया है समाज को संगठित होने के अलावा कोई विकल्प नहीं है फिर भी समाज के लोग उनका साथ नहीं दे रहे है जो सवर्ण समाज के लिए निस्वार्थ भाव से समर्पित हो कर संघर्ष कर रहा है