ब्यूरो चीफ सुंदरलाल जिला सोलन,
जिला सोलन के कई बार विकास कार्य के लिए पैसा होने के बाद भी आम जनता को उसका लाभ ना मिलना बड़े सवाल खड़े करता है। इसमें सरकारी तंत्र की मनमर्जी कहें या फिर कर्मचारियों की सुस्त कार्यप्रणाली। ऐसी ही एक मामला कसौली विधानसभा क्षेत्र के तहत आनेवाली ग्राम पंचायत कोट बेजा के शामली गांव का है ।शामली गांव को बनने वाले एबुलैंस रोड का है पैसा मंजूर होने के दो साल बाद भी एंबुलेंस रोड का निर्माण ना होना सरकारी तंत्र को कटखरे में खड़ा करत में खड़ा करता है ग्रामीण पिछले करीब 10 वर्षों से एंबुलेंस रोड की मांग कर रहे है लेकिन अभी तक आलम है कि ग्रामीणों की सुनवाई नहीं हो रही है बीमारी की अवस्था में मरीज को चारपाई पर उठाकर ले जाना पड़ता है।फलस्वरूप ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों हेमंत कुमार,तारा दत,राजकुमार,राकेश कुमार,मनोज आदि ने बताया कि एंबुलेंस रोड शामली को दो वर्ष पूर्व विधायक द्वारा पैसा मंजूर किया गया था।तथा इस रोड का निर्माण मनरेगा कन्वर्जेंस के तहत कार्य होना था लेकिन करीब दो वर्ष एस्टीमेट बनाने को ही लगा दिए। और अब सरकारी तंत्र 20 वर्कों की लिमिट होने का रोना रो रहा है ग्रामीणों का कहना है कि इसके साथ वाले अन्य वर्क पूरे भी हो चुके है ग्रामीणों ने इस मामले में लेटलतीफी करने वालो की जांच की जाय व उचित कार्यवाही कर कार्य शीघ्र करने के आदेश दिए जाएं।ग्रामीणों का कहना है कि जब इस कार्य के कार्य आदेश करीब दो वर्ष पूर्व हो चुके थे तो एस्टीमेट बनाने में दो वर्ष का लंबा समय कैसे लग गया। उधर पंचायत उप प्रधान सुनील कुमार ने बताया कि जिओ टेकिंग ना होने के कारण कार्य शुरू नहीं हो पाया है जैसे ही जिओ टेकिंग हो जाएगी कार्य शुरू कर दिया जाएगा।